विश्व शांति के लिए केरल के दो श्रद्धालु 8,000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा करके सबरीमला पहुंचे
पहाड़ी की चोटी पर बने भगवान अयप्पा मंदिर तक पहुंचने के लिए 8,000 किलोमीटर लंबी अपनी पदयात्रा के दौरान वे विभिन्न मंदिरों में रुके, स्थानीय खाना खाया।
कासरगोड निवासी दो श्रद्धालुओं ने विश्व शांति की कामना के साथ उत्तर भारत से केरल के पथनमथिट्टा में सबरीमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर तक की अपनी 8,000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा 223 दिन में पूरी की। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने शनिवार को यह जानकारी दी।
कासरगोड जिले के रामदास नगर के रहने वाले सनथकुमार नायक और संपतकुमार शेट्टी 26 मई 2024 को ट्रेन से केरल से बद्रीनाथ के लिए रवाना हुए थे।
टीडीबी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि बद्रीनाथ में उन्होंने अपना ‘इरुमुदी कट्टू’ (भगवान अयप्पा मंदिर में भक्त द्वारा लाया जाने वाला पारंपरिक बंडल) भरा और तीन जून को सबरीमला के लिए पैदल निकल पड़े।
पदयात्रा के दौरान उन्होंने शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठों सहित विभिन्न तीर्थ केंद्रों और मंदिरों का दौरा किया। वे अयोध्या, उज्जैन, द्वारका, पुरी, जगन्नाथ, रामेश्वरम, अचंकोविल और एरुमेली के रास्ते सन्निधानम पहुंचे।
पहाड़ी की चोटी पर बने भगवान अयप्पा मंदिर तक पहुंचने के लिए 8,000 किलोमीटर लंबी अपनी पदयात्रा के दौरान वे विभिन्न मंदिरों में रुके, स्थानीय खाना खाया या अपना खाना खुद पकाया। टीडीबी की विज्ञप्ति में कहा गया है कि शनिवार को सबरीमला पहुंचने पर विशेष अधिकारी प्रवीण और सहायक विशेष अधिकारी गोपकुमार ने ‘चुक्कू वेल्लम’ (सूखे अदरक वाला पानी) से दोनों का स्वागत किया।
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Published By : Deepak Gupta
पब्लिश्ड 11 January 2025 at 18:57 IST