'उन्हें बदनाम किया गया, बंगाल की बदली हुई राजनीति के लिए शर्म...', आशीष बनर्जी की मौत पर भड़की TMC, की निष्पक्ष जांच की मांग
टीएमसी के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की मौत पर कुणाल घोष ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी का दोष साबित होने से पहले ही बीजेपी ने लोगों को बदनाम करने, कलंकित करने और सामाजिक रूप से अलग-थलग करने की जो आदत शुरू की है, यह घटना उसी का नतीजा है।
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TMC on Asish Banerjee Suicide: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और पांच बार के तृणमूल कांग्रेस विधायक आशीष बनर्जी रविवार तड़के मृत पाए गए। पार्टी के वरिष्ठ नेता की मौत पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की लोगों को बदनाम करने, कलंकित करने और सामाजिक रूप से अलग-थलग करने की आदत ही इस मौत की वजह बनी है।
कुणाल घोष ने एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि आशीष बनर्जी को अपनी मौत से पहले सार्वजनिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। उन्होंने उन लोगों के बनर्जी पर डाले गए दबाव की ओर भी इशारा किया जो उनके (बीजेपी) साथ मिलकर भ्रष्टाचार की जांच से खुद को बचाना चाहते थे।
आशीष बनर्जी की मौत की जांच हो- कुणाल घोष
घोष ने अपने पोस्ट में लिखा, 'बीरभूम में आशीष बंद्योपाध्याय की रहस्यमयी मौत। इसे आत्महत्या कहा जा रहा है और कथित तौर पर एक सुसाइड नोट भी मिला है, फिर भी मैं कहूंगा, इस घटना की जांच होनी चाहिए। यह अकल्पनीय है। हम निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।
उन्होंने आगे लिखा, 'किसी का दोष साबित होने से पहले ही बीजेपी ने लोगों को बदनाम करने, कलंकित करने और सामाजिक रूप से अलग-थलग करने की जो आदत शुरू की है, यह घटना उसी का नतीजा है। कुछ दिन पहले ही एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक बीजेपी नेता ने सड़क पर उनका अपमान किया था; इसे भी आत्महत्या के लिए उकसाने जैसा ही माना जाना चाहिए। 'अच्छा तृणमूल सदस्य' होने पर भी आप बच नहीं पाते। क्योंकि वहां पांच-छह लोग सिर्फ अपने पाप छिपाने के लिए बीजेपी की चापलूसी करने चले गए हैं। आप ऐसी राजनीति सम्मान के साथ नहीं कर सकते। बीजेपी से लड़ने के लिए आपको ममता दीदी की लीडरशिप में एकजुट रहना होगा। वरना, चापलूस और वे पांच-छह लोग अपने एजेंडे पर काम करेंगे। आशीष दा को आत्महत्या करनी पड़ी। यह उस खेमे की भी नाकामी है।'
कुणाल घोष ने किया बड़ा दावा
घोष यहीं नहीं रुके उन्होंने दावा करते हुए कहा, 'आशीष दा पर उस खेमे में शामिल होने के लिए दबाव डाला गया था। वह पार्टी नेताओं को समझाने की कोशिश कर रहे थे कि ममता दीदी की लीडरशिप में रहना ही बेहतर है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, जो लोग भ्रष्टाचार की जांच से बचने के लिए वहां गए थे, उन्होंने दबाव डालकर आशीष दा को अपने साथ रहने पर मजबूर किया। चाहे यह आत्महत्या हो या कोई और रहस्य, जांच करने वालों को इसकी जांच करने दें। पुलिस और प्रशासन को निष्पक्ष जांच करने दें। असली सच सामने आने दें। आशीष दा की आत्महत्या/रहस्यमय मौत बंगाल की बदली हुई राजनीति के लिए शर्म की बात है। एक पूर्व विधायक और डिप्टी स्पीकर को राजनीति के भंवर में आत्महत्या करनी पड़ती है- मैं इस शर्मिंदगी को कहां छिपाऊं?'
आशीष सबसे ईमानदार व्यक्ति थे- TMC सांसद
वहीं टीएमसी सांसद समीरुल इस्लाम ने कहा, 'आशीष बीरभूम के सबसे ईमानदार और बहुत पढ़े-लिखे व्यक्ति थे। उनसे प्रेरित होकर कई लोग राजनीति में आए। उनके सुसाइड नोट के अनुसार, शायद विपक्षी पार्टी ने उन्हें बदनाम किया था। यह न केवल बीरभूम के लिए बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के लिए एक नुकसान है। सुसाइड नोट के आधार पर जांच होनी चाहिए। वे 5 बार विधायक और पूर्व अधिकारी थे।'
आशीष बनर्जी का फंसे से लटका मिला शव
बता दें कि आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहा में वार्ड नंबर 5 के हताताला पाड़ा स्थित घर के नजदीक बने टीएमसी के ऑफिस में फंदे से लटका मिला। फिलहाल उनकी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असल वजह सामने आ सकेगी।
ममता सरकार में संभाल चुके हैं कई अहम पद
आशीष बनर्जी की गिनती ममता बनर्जी के करीबी और टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं में होती थी। वे तृणमूल कांग्रेस की सरकार में कई विभागों के मंत्री रहे। इसके अलावा उन्होंने स्कूल शिक्षा, कृषि और आयुष जैसे विभागों की जिम्मेदारी भी संभाल रखी है। वे राज्य विधानसभा से डिप्टी स्पीकर भी रहे थे। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार ध्रुबा साहा से हार का सामना करना पड़ा।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 16 August 2026 at 12:35 IST