शहरी क्षेत्रों में घटते भूजल स्तर का समाधान ढूंढने की जरूरत- अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि शहरी क्षेत्रों में घटते भूजल स्तर का समाधान ढूंढने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से भूजल पुनर्भरण के लिए कुएं बनाने की सरकारी योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया।

Follow :  
×

Share


अमित शाह | Image: X

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि शहरी क्षेत्रों में घटते भूजल स्तर का समाधान ढूंढने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से भूजल पुनर्भरण के लिए कुएं बनाने की सरकारी योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया। शाह ने लोगों से एक अन्य सरकारी योजना के तहत बिजली पैदा करने के लिए अपने घरों की छतों पर सौर पैनल लगाने की भी अपील की।

गांधीनगर सीट से लोकसभा सदस्य शाह अपने निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अहमदाबाद के राणिप इलाके के सरदार चौक पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने साबरमती और न्यू राणिप इलाके में दो अंडरपास समेत कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

उन्होंने इस अवसर पर शहर के राणिप इलाके में 350 आवासीय सोसायटियों में वर्षा जल का उपयोग करके भूजल पुनर्भरण करने के लिए कुओं के निर्माण की एक परियोजना का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘‘हमें इसका समाधान खोजना होगा क्योंकि शहरी क्षेत्रों में भूजल स्तर घट रहा है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग गांवों से यहां आ गए हैं। इसके परिणामस्वरूप हम जो पानी पी रहे हैं उसमें फ्लोराइड का स्तर भी बढ़ गया है।’’ उन्होंने गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र की सभी हाउसिंग सोसाइटियों से अपील की कि वे आगे आएं और इस योजना का लाभ उठाएं, जिसमें राज्य सरकार सोसायटी परिसर में भूजल पुनर्भरण के लिए कुआं बनाने का पूरा खर्च वहन करेगी।

शाह ने कहा, ‘‘आपको बस आवेदन करना है और कुछ हजार रुपये का टोकन शुल्क देना है। मैं आपसे अपील करता हूं कि आप सुनिश्चित करें कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र की सभी सोसाइटियों में भूजल पुनर्भरण कुआं हो। मैं सभी सोसाइटियों को एक पत्र लिखूंगा और इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दूंगा। आपको बस अपनी सहमति देनी है और बाकी सब प्रशासन संभाल लेगा।’’ उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत छतों पर सौर पैनल लगाने का आग्रह किया, यह एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य एक करोड़ घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है।

Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 23 January 2025 at 22:06 IST