अंग्रेज, कांग्रेस और सपा ने वनटांगियों की उपेक्षा की, 70 साल बाद मिला अधिकार; गोरखपुर में बोले CM योगी
गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने वनटांगिया के लोगों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने कहा कि देश को 1947 में आजादी मिलने के बावजूद, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उत्तर प्रदेश के 56 वनटांगिया गांवों को बुनियादी सुविधाओं और मताधिकार से 70 वर्षों तक वंचित रखा गया।
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गोरखपुर के वनटांगिया गांव में दीपावली के पावन अवसर पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के विकास और सामाजिक समावेश का बड़ा संदेश दिया। उन्होंने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दशकों तक उपेक्षित रहे वनटांगिया समुदाय को वर्तमान सरकार ने मुख्यधारा से जोड़कर उनका सही अधिकार दिया है।
14 वर्ष का वनवास और सदियों की उपेक्षा
संबोधन के दौरान सीएम योगी ने कहा, 'भगवान राम ने वनवास में 14 साल बिताए। हालांकि, पहले अंग्रेजों, फिर कांग्रेस और बाद में समाजवादी पार्टी ने आपको और आपके पूर्वजों को एक सदी से भी अधिक समय तक इन जंगलों में भटकने के लिए छोड़ दिया, आपको कठिनाई और उपेक्षा के जीवन के लिए दोषी ठहराया।'
उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में 56 वनटांगिया गांव थे, जिन्हें पूरी तरह से परित्यक्त और बिना देखभाल के छोड़ दिया गया था। 1947 में देश को स्वतंत्रता मिलने के बाद भी इन वन गांवों ने कभी सही मायने में आजादी का स्वाद नहीं चखा। सीएम ने स्पष्ट किया कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश उनके लिए एक परिवार है। चाहे वह किसी भी जाति या क्षेत्र का हो, गांव हो या शहर, अमीर हो या गरीब।
बुनियादी सुविधाओं से वंचित था समाज
मुख्यमंत्री ने बताया कि पांच साल पहले तक यहां रहने वाले लोगों की हालत अत्यंत दयनीय थी और वे मूलभूत आवश्यकताओं से दूर थे। 70 वर्षों तक इन्हें सड़क, बिजली, पानी, स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रखा गया। यहां तक कि इन्हें मतदाता सूची में भी शामिल नहीं किया गया था। आज स्थिति बदल चुकी है; ये ग्रामीण पंजीकृत मतदाता हैं और सभी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि सुबह उन्हें निषाद और दलित समुदायों की बस्तियों का दौरा करने, सफाई कर्मचारियों के साथ समय बिताने और उन्हें दिवाली का उपहार देने का अवसर मिला। इसके साथ ही उन्होंने संतों के साथ भी दीवाली मनाई। वनटांगिया गांव में दीवाली की खुशियां साझा करते हुए उन्होंने संदेश दिया कि राज्य का विकास तभी पूरा माना जाएगा जब समाज का अंतिम व्यक्ति भी बुनियादी सुविधाओं से लैस और सशक्त होगा।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 8 November 2026 at 16:15 IST