तेलंगाना सुरंग हादसा: फंसे हुए श्रमिकों की तलाश 19वें दिन भी जारी
तेलंगाना में शैलम लेफ्ट बैंक कैनाल परियोजना की आंशिक रूप से ध्वस्त सुरंग में फंसे सात लोगों की तलाश के लिए खोज अभियान बुधवार को 19वें दिन भी जारी है।
Telangana Tunnel Collapse: तेलंगाना में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना की आंशिक रूप से ध्वस्त सुरंग में फंसे सात लोगों की तलाश के लिए खोज अभियान बुधवार को 19वें दिन भी जारी है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए नए प्रयास के तहत राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सरकारी खनन कंपनी ‘सिंगरेनी कोलियरीज’, खनिकों और अन्य एजेंसियों के कर्मी बुधवार सुबह उपकरण लेकर सुंरग में घुसे।
हैदराबाद की रोबोटिक्स कंपनी की एक टीम ने मंगलवार सुबह कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित कैमरे से लैस एक रोबोट के साथ सुरंग में प्रवेश किया। इसके अलावा 110 बचावकर्मी भी तैनात किए गए। बचावकर्मियों के वास्ते जोखिम को कम करने के लिए तेलंगाना सरकार ने रोबोट के उपयोग को बढ़ाने का निर्णय लिया है, क्योंकि सुरंग के अंदर पानी और कीचड़ होने के कारण बड़ी चुनौती पेश आ रही है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों को सुझाव दिया कि यदि जरूरी हो तो सुरंग के अंदर रोबोट का उपयोग किया जाए, ताकि बचाव कर्मियों को किसी भी खतरे से बचाया जा सके। उन्होंने दो मार्च को सुरंग का दौरा किया था। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि लापता व्यक्तियों का पता लगाने के प्रयासों के तहत बचाव कर्मियों ने एक बार फिर दुर्घटना स्थल पर मानव अवशेष खोजी कुत्तों (एचआरडीडी) को तैनात किया है।
तलाशी अभियान की निगरानी कर रहे राज्य के विशेष मुख्य सचिव (आपदा प्रबंधन) अरविंद कुमार ने मंगलवार को बचाव कार्य में शामिल विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। mबचाव दल मानव अवशेष खोजी कुत्तों और राडार सर्वेक्षणों द्वारा पहचाने गए विशिष्ट स्थानों पर काम कर रहे हैं तथा खोज अभियान जारी है।
हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए ‘ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार’ (जीपीआर) सर्वेक्षणों के आधार पर बचाव कर्मी संदिग्ध स्थानों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस खोज में केरल पुलिस के मानव अवशेष खोजी कुत्तों (एचआरडीडी) की भी मदद ली गई। नौ मार्च को बचाव कर्मियों ने सुरंग निर्माण कार्य में लगी एक विदेशी कंपनी में काम करने वाले टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) संचालक गुरप्रीत सिंह का शव बरामद किया था। शव को वाहन से पंजाब में उनके पैतृक स्थान भेजा गया।
तेलंगाना सरकार ने उनके परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की है। एसएलबीसी परियोजना सुरंग में 22 फरवरी को हुए हादसे में इंजीनियर और मजदूरों समेत आठ लोग फंस गए थे। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारतीय सेना, नौसेना तथा अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ उन्हें निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 12 March 2025 at 14:31 IST