'मौलाना साजिद रशीदी का जो जीभ काटकर लाएगा उसे 10 लाख का इनाम...', कांवड़ियों को नशेड़ी-भंगेड़ी कहने पर फूटा स्वामी विष्णु दास का गुस्सा, VIDEO
मौलाना साजिद रशीदी के कांवड़ यात्रियों को लेकर बयान के बाद हिंदू समाज और धर्मगुरुओं में गहरा गुस्सा है। स्वामी विष्णु दास महाराज ने इस पर आक्रोश जताते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जो कोई भी मौलाना साजिद रशीदी की जीभ काट कर लाएगा, उसे 10 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
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मौलाना रशीदी ने कांवड़ यात्रियों को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें 'नशेड़ी, भंगेड़ी और आतंकवादी' करार दिया। उनके इस बयान के सामने आते ही हिंदू समाज और साधु-संतों में भारी आक्रोश फैल गया है। जिस पर स्वामी विष्णु दास महाराज ने एक वीडियो साझा कि है, जिसमें उन्होंने ऐलान किया कि जो भी व्यक्ति मौलाना साजिद रशीदी की जीभ काट कर लाएगा, उसे 10 लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।
साजिद रशीदी के विवादित बयान से हिंदू समाज में आक्रोश
कांवड़ यात्रा पर निशाना साधते हुए साजिद रशीदी ने कहा कि सड़कों पर बैठकर शराब और नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोग भगवान शिव के भक्त नहीं हो सकते। उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जिन्हें समाज शिव भक्त कहता है, वे असल में नशेड़ी, भंगेड़ी और आतंकवादी हैं। मौलाना के इस बयान को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और समाज में विद्वेष फैलाने की साज़िश के रूप में देखा जा रहा है।
स्वामी विष्णु दास महाराज का पलटवार
मौलाना रशीदी की इस तीखी और विवादित टिप्पणी पर संत समाज ने कड़ा रुख अपनाया है। स्वामी विष्णु दास महाराज ने मौलाना के बयान पर गहरा गुस्सा जताते हुए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति मौलाना साजिद रशीदी की जीभ काट कर लाएगा, उसे 10 लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। स्वामी विष्णु दास ने स्पष्ट किया कि आस्था और शिव भक्तों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांवड़ियों की तुलना आतंकवादियों से करने पर लोगों में भारी गुस्सा
कांवड़ यात्रा करोड़ों सनातन धर्मियों की आस्था का प्रतीक है। हर साल लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों से जल लेकर पैदल यात्रा करते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में कांवड़ियों की तुलना आतंकवादियों से करने पर लोगों में भारी गुस्सा है। जगह-जगह मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ कार्रवाई करने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में मामला दर्ज करने की मांग उठ रही है।
इतना ही नहीं, साधु-संतों का कहना है कि किसी भी धर्मगुरु या संस्था प्रमुख को किसी की धार्मिक भावनाओं और परंपराओं पर इस तरह की अभद्र टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। फिलहाल, इस पूरे घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस-प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 6 August 2026 at 21:31 IST