Sanatan Sammelan: ‘जाति जीत गई, तो भारत हार जाएगा...’, रिपब्लिक के सनातन सम्मेलन में स्वामी दीपांकर महाराज ने ऐसा क्यों कहा?
Sanatan Sammelan: स्वामी दीपांकर महाराज की 'भिक्षा यात्रा' 1175 दिनों से जारी है। इसी बीच उन्होंने रिपब्लिक भारत के मंच से "जाति छोड़ो, हिंदू बनो" का संदेश दिया।
Swami Dipankar Ji Maharaj: आध्यात्मिक गुरु स्वामी दीपांकर महाराज इन दिनों अपनी ऐतिहासिक भिक्षा यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश के देवबंद से शुरू हुई यह यात्रा कई जिलों का सफर तय कर चुकी है, जिसका एकमात्र उद्देश्य हिंदुओं को जातियों के भेदभाव से ऊपर उठाकर एक सूत्र में बांधना है, ताकि वो हिंदू कहला सकें।
दीपांकर महाराज ने रिपब्लिक के ‘Sanatan Sammelan’ से लोगों को स्पष्ट संदेश दिया कि अगर भारत को जीतना है, तो जातिवादी विचारधार को हराना होगा। उन्होंने बताया कि अबतक 1175 दिनों से चल रही इस यात्रा के माध्यम से वे लगभग 1.5 करोड़ लोगों को अपने साथ जोड़ चुके हैं।
‘जाति जीती तो भारत हार जाएगा’
स्वामी दीपांकर ने पिछले दिनों UGC के संदर्भ में उठ रहे जातिगत सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ‘अगर जाति जीती तो भारत हार जाएगा।’ उन्होंने आगे कहा कि 'Caste' शब्द भारतीय मूल का नहीं है, बल्कि यह पुर्तगाली शब्द है। उनके अनुसार, कुंभ जैसे विशाल आयोजनों में जहां 66 करोड़ लोग आते हैं, वहां कोई किसी से जाति नहीं पूछता, तो समाज में यह जाति को लेकर बंटवारा क्यों हो रहा? उन्होंने आगे कहा कि यह प्रवचन का नहीं बल्कि परिवर्तन का युग है, हम सबको साथ मिलकर ये परिवर्तन लाना है।
‘सनातन बढ़ता है, तो भारत बढ़ता है’
स्वामी दीपांकर ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदू धर्म की स्वीकार्यता का उदाहरण देते हुए कहा कि नील्स बोर ने क्वांटम फिजिक्स के लिए उपनिषदों का सहारा लिया और ओपेनहाइमर ने महाभारत से प्रेरणा ली। यहां तक कि उन्होंने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के प्राउड हिंदू होने और अटल बिहारी वाजपेयी के ‘हिन्दू तन-मन, हिन्दू जीवन, रग-रग हिन्दू मेरा परिचय’ के नारे को दोहराते हुए कहा कि जब सनातन बढ़ता है, तभी भारत बढ़ता है।
उन्होंने रिपब्लिक के सनातन सम्मेलन में आए सभी के साथ ‘गर्व से कहो हम हिंदू हैं’ का नारा लगवाया और कहा कि यह नारा उन लोगों के लिए काफी है जो हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
‘आपस में लड़ोगे तो नेता बेचकर खा जाएंगे’
समाज में हो रहे बंटवारे पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वामी दीपांकर ने कहा कि यदि SC, ST और OBC आपस में लड़ते रहेंगे और अपने हकों के लिए एक-दूसरे को नीचा दिखाएंगे, तो राजनेता उनके समाज को बेचकर खा जाएंगे।
उन्होंने ढाका के ढाकेश्वरी मंदिर और कर्नाटक व अन्य स्थानों पर शोभा यात्राओं पर होने वाले पथराव का जिक्र करते हुए कहा कि गंगा-जमुनी तहजीब के नाम पर केवल हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है।
‘हिंदू जाति की बेड़ियों से मुक्त हो’
स्वामी जी ने संकल्प लिया है कि जिस दिन उन्हें महसूस होगा कि अब हिंदू जाति की बेड़ियों से मुक्त हो गया है, उसी दिन वे अपनी यात्रा को विराम देंगे। इस दौरान उन्होंने समाज को एक और नया नारा दिया और कहा कि ‘छुआ-छूत की करो विदाई, सारे हिंदू भाई-भाई।’
उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वे इस अभियान में उनके साथ जुड़ें ताकि हिंदू एकता के इस लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त किया जा सके।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 25 February 2026 at 20:49 IST