बंगाल में महिलाओं की बल्ले-बल्ले! हर महीने खाते में आएंगे ₹3000, फ्री बस यात्रा का मिला तोहफा... सुवेंदु कैबिनेट ने लिए ताबड़तोड़ फैसले

Suvendu Adhikari Cabinet Big Decisions: सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट ने कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है। इसमें महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपये देना, 1 जून से फ्री बस यात्रा जैसे कई अहम फैसले शामिल रहे।

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Suvendu Adhikari Cabinet Big Decisions | Image: File

West Bengal news: पश्चिम बंगाल में सीएम की कुर्सी संभालने के बाद सुवेंदु अधिकारी लगातार एक्टिव हैं और एक के बाद एक ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं। सोमवार (17 मई) को सुवेंदु की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में महिलाओं को हर महीने तीन हजार रुपये, बस में फ्री सफर और 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन जैसे अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई।

कैबिनेट में बड़े फैसलों पर लगी मुहर

बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बंगाल कैबिनेट ने 1 जून से महिलाओं को 3,000 रुपये की मासिक सहायता देने वाली 'अन्नपूर्णा' योजना को मंजूरी दी है। 1 जून से राज्य की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा के फैसलों पर भी कैबिनेट की मुहर लग गई है।

7वें वेतन आयोग को दी मंजूरी

बंगाल सरकार ने अपने कर्मचारियों, संबद्ध वैधानिक निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी है। साथ ही जून से धार्मिक आधार पर वर्गीकृत समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता बंद करने का फैसला किया गया है।

लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को अब अन्नपूर्णा भंडार योजना का फायदा भी मिलेगा। जिन महिलाओं को अभी तक यह लाभ नहीं मिला है, उनके लिए जल्द ही एक पोर्टल शुरू किया जाएगा। वहां जाकर वे आसानी से आवेदन कर सकेंगी। मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि  CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) के लिए आवेदन करने वाले और जिनके मामले ट्रिब्यूनल में लंबित हैं, उन्हें भी अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ दिया जाएगा।

पहली कैबिनेट में इन फैसलों पर लगी थी मुहर

पहली कैबिनेट बैठक में भी सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कई बड़े फैसले लिए थे। इसमें बंगाल में आयुष्मान योजना लागू करने, BSF को बॉर्डर पर जमीन हस्तांतरित करने, IAS और IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए अनुमति देने और  बंगाल में भारतीय न्याय संहिता लागू करने जैसे फैसले शामिल रहे।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 18 May 2026 at 14:55 IST