ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, फ्रीज किए गए अकाउंट के खिलाफ TMC की अर्जी खारिज, सुनवाई के लिए वापस HC भेजा
Mamata Banerjee: गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से ममता बनर्जी को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा TMC के फ्रीज किए गए चार बैंक अकाउंट को ऑपरेट करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया।
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Mamata Banerjee: गुरुवार, 1 अक्टूबर को ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जोरदार झटका लगा है। कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उन चार बैंक अकाउंट्स को ऑपरेट करने की इजाज़त देने से इनकार कर दिया, जिन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस ने साइबर क्राइम की शिकायत के सिलसिले में फ्रिज कर दिया था। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच यह फैसला सुनाया। कोर्ट का यह फैसला उस समय आया है, जब एक दिन पहले ही INDI बैठक में ममता दिल्ली पहुंची हुई थी।
TMC विधायक ने ही दर्ज कराई थी शिकायत
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच, TMC गुट की ओर से अपने अकाउंट्स को फ्रीज़ किए जाने के खिलाफ दायर एक नई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह शिकायत TMC विधायक विश्वनाथ दास ने दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि गैर-कानूनी गतिविधियों और बेईमानी भरे वित्तीय लेन-देन से मिले फंड को कुछ खास अकाउंट्स में भेजा गया था।
TMC की ओर से पेश वकील ने रखी ये दलील
वहीं, इस मामले में TMC की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने पुलिस की कार्रवाई के आधार पर सवाल उठाए और कहा कि पार्टी यह दावा नहीं कर रही है कि उसके पास फंड नहीं है, बल्कि यह कह रही है कि वह अकाउंट्स को ऑपरेट नहीं कर पा रही है।
उन्होंने तर्क दिया कि भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने पार्टी का चुनाव चिन्ह फ्रीज करने के अपने हालिया आदेश में पार्टी के फंड के बारे में कोई फैसला नहीं लिया था। डॉ. सिंघवी ने कहा, "ECI फंड के बारे में कुछ नहीं कहता है।"
सिंघवी ने यह भी कहा कि हालांकि पुलिस मनी लॉन्ड्रिंग और फंड की हेराफेरी की बात कर रही थी, लेकिन उन्होंने खाते फ्रीज करने का आधार नहीं बताया था।
सुनवाई के लिए वापस HC भेजा
कोर्ट ने कहा कि इस चरण में कोई भी निष्कर्ष निकालने से लंबित कार्यवाही पर काफी असर पड़ सकता है। आखिरकार कोर्ट ने हाईकोर्ट की कार्यवाही में दखल देने से इनकार कर दिया और याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट से सुनवाई में तेजी लाने का अनुरोध किया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कलकत्ता हाई कोर्ट ने कुछ दिन पहले अपने आदेश में उन चार बैंक खातों जिनमें करीब 804 करोड़ रुपये हैं को चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है। आरोप है कि करीब 160 करोड़ रुपये के पार्टी फंड की हेराफेरी की गई है। इसी जांच में ED टीएमसी के तीन खातों में मौजूद 440 करोड़ रुपये फ्रीज किए हैं।
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 1 October 2026 at 16:33 IST