राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र, यूपी सरकार और ट्रस्ट को नोटिस, SIT से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ी की स्वतंत्र और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं पर जवाब मांगा है।
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Ram Mandir Donation Theft Case: सुप्रीम कोर्ट में आज, 13 जुलाई को राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले में केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस कर जवाब मांगा है।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने सामने की सुनवाई की। उनके अलावा, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना बेंच में शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ी की स्वतंत्र और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं पर जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने किस-किस को जारी किया नोटिस
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने यूपी सरकार द्वारा आदेशित SIT जांच की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। कोर्ट ने कहा, “हम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT को स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश देते हैं। इस मामले को आगे की सुनवाई के लिए अगले सोमवार को सूचीबद्ध करें। कृपया स्टेटस रिपोर्ट में SIT के गठन की जानकारी भी दें।”
कोर्ट ने SIT से मांगा स्टेटस रिपोर्ट
कोर्ट ने SIT से यह भी बताने को कहा है कि जांच दल का गठन किन परिस्थितियों में और किस उद्देश्य से किया गया था। अदालत ने मामले से जुड़े CCTV फुटेज को संरक्षित रखने का भी स्पष्ट आदेश दिया है।पीठ ने मामले को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। कोर्ट ने राम मंदिर का प्रबंधन करने वाले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से भी इन याचिकाओं पर जवाब मांगा है। अब मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से की ये मांग
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को प्राप्त दान और चढ़ावे के प्रबंधन में वित्तीय अनियमिताएं हुई है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। इसके साथ जांच प्रक्रिया की निगरानी रिटायर्ड जज से करने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि देश-विदेश से श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान की पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 13 July 2026 at 14:50 IST