BREAKING: मीनाक्षी नटराजन को SC से बड़ा झटका, राज्यसभा नामांकन रद्द होने के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके नामांकन पत्र रद्द किए जाने को चुनौती दी गई थी।

 
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मीनाक्षी नटराजन को SC से बड़ा झटका, राज्यसभा नामांकन रद्द होने के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज | Image: Social media

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका है। कोर्ट ने मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके नामांकन पत्र रद्द किए जाने को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने सभी दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से स्पष्ट इनकार करते हुए कहा कि रिटर्निंग अधिकारी का फैसला बरकरार रहेगा। कोर्ट ने कहा, “संविधान के आर्टिकल 32 के तहत उनकी याचिका सुनवाई के लायक नहीं है। हम इस याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं और इसे खारिज किया जाता है।”

मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से झटका

सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा, ’तो हाई कोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत और न ही यह कोर्ट अनुच्छेद 32 के तहत अपनी अधिकार-क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए चुनाव प्रक्रिया के दौरान नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार कर सकते हैं। एक बार चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाने बाद न्यायिक हस्तक्षेप की सीमाएं तय हैं और इस चरण में कोर्ट दखल नहीं दे सकता।’ 

June 12, 2026

कोर्ट के फैसले BJP के उम्मदीवार को बड़ा फायदा

कोर्ट के इस फैसले से एमपी में कांग्रेस पार्टी की चुनावी संभावनाओं को बड़ा झटका लगा है। नटराजन के दौड़ से बाहर होने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार महेश केवट का पार्टी के मुख्य उम्मीदवारों तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल के साथ निर्विरोध चुना जाना तय लग रहा है। बता दें कि यह अयोग्यता स्क्रूटनी की बात तब सामने आई जब BJP उम्मीदवार महेश केवट और BJP के राज्य महासचिव राहुल कोठारी ने रिटर्निंग ऑफिसर के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

मीनाक्षी नटराजन क्या है आरोप?

BJP की ओर से वकील संकेत गुप्ता ने तर्क दिया कि मंदसौर की पूर्व सांसद नटराजन ने अपने चुनावी हलफनामे में एक चल रहे कानूनी मामले की जानकारी जानबूझकर छिपाई थी। स्क्रूटनी के दौरान पेश किए गए रिकॉर्ड से पता चला कि 2025 के मध्य में हैदराबाद, तेलंगाना में नटराजन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उन्हें कोर्ट का समन जारी हुआ था। BJP का तर्क था कि किसी चल रहे समन या मामले की जानकारी न देना सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है और नॉमिनेशन फाइलिंग में बड़ी लापरवाही है।
 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 12 June 2026 at 13:39 IST