उच्चतम न्यायालय ने कबड्डी महासंघ प्रशासक से कहा, निर्वाचित संस्था को कार्यभार सौंपें
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय अमेच्योर कबड्डी महासंघ के प्रशासक पूर्व न्यायाधीश एसपी गर्ग से कहा कि वह 11 फरवरी तक निर्वाचित संचालन संस्था को कार्यभार सौंप दें।
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को भारतीय अमेच्योर कबड्डी महासंघ (एकेएफआई) के प्रशासक पूर्व न्यायाधीश एसपी गर्ग से कहा कि वह 11 फरवरी तक निर्वाचित संचालन संस्था को कार्यभार सौंप दें।
न्यायाधीश सूर्य कांत और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि हालांकि कुछ मुद्दे हैं जिन पर बारीकी से विचार करने की जरूरत है लेकिन यह एक तदर्थ व्यवस्था थी जो खिलाड़ियों को 20 से 25 फरवरी के बीच ईरान में होने वाली आगामी एशियाई कबड्डी चैंपियनशिप में भाग लेने की सुविधा देने के लिए बनाई गई थी।
पीठ ने गर्ग द्वारा महासंघ में किए गए काम की सराहना करते हुए कहा कि कार्यभार सौंपने का मतलब यह नहीं है कि अदालत ने दिसंबर 2023 में निर्वाचित संस्था को को मान्यता दे दी है।
केंद्र की ओर से पेश महाधिवक्ता तुषार मेहता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ के साथ एक बैठक हुई थी जिसमें आश्वासन दिया गया था कि एक निर्वाचित संचालन संस्था बनने की स्थिति में एकेएफआई पर लगा निलंबन हटा दिया जाएगा। न्यायालय ने चार फरवरी को कहा था कि भारतीय खेल महासंघों में निष्पक्षता, स्वायत्तता और स्वतंत्रता लाने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है और निहित स्वार्थों के साथ ऐसी संस्थाओं पर एकाधिकार करने वाले व्यक्तियों को बाहर किया जाए।
शीर्ष अदालत दो राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ियों प्रियंका और पूजा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ गैर मान्यता प्राप्त एकेएफआई को उन्हें 20 से 25 फरवरी तक ईरान में होने वाली एशियाई कबड्डी चैंपियनशिप में भेजने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
Published By : Deepak Gupta
पब्लिश्ड 6 February 2025 at 15:54 IST