'जहर देकर मारें या धक्का...', केतन अग्रवाल को मारने के लिए सिया-चेतन ने इंटरनेट पर खंगाले थे कत्ल के तरीके, वारदात से पहले की थी रिहर्सल
Pune Fort Murder Case: सिया गोयल और चेतन चौधरी ने इस बारे में जानकारी जुटाई थी कि लोहागढ़ किले पर किस जगह से धक्का देने पर केतन अग्रवाल की हत्या की घटना हादसा लगेगी। क्या केतन को जहर देकर मारा जा सकता है?
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Ketan Agarwal Murder Case: सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल की हत्या की प्लानिंग एक दिन में नहीं की थी। दोनों कई दिनों तक मिलकर योजना बना रहे थे कि कैसे इस हत्या को हादसे की तरह दिखाया जाए। इतना ही नहीं सिया और चेतन ने इसके लिए इंटरनेट का भी सहारा लिया। उन्होंने केतन को मारने के तरीकों की खोज गूगल पर की थी। पुलिस जांच में मामले को लेकर नए और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
गूगल पर खोजे थे मारने के तरीके
सूत्रों के अनुसार सिया और चेतन ने हत्या के तरीके जानने के लिए गूगल पर सर्च किया था। उन्होंने इस बारे में जानकारी जुटाई थी कि लोहागढ़ किले पर किस जगह से धक्का देने पर घटना हादसा लगेगी। क्या केतन को जहर देकर मारा जा सकता है? हत्या के बाद पुलिस से कैसे बचा जाए? इस तरह की जानकारी भी दोनों ने गूगल पर खोजी थी।
पुलिस के सवालों के जवाब भी कर रहे थे तैयार
दोनों इतने शातिर हैं कि पहले ही पकड़े जाने पर बाद की प्लानिंग भी बना रहे थे। पुलिस को क्या बताना है, पूछताछ के दौरान क्या रुख अपनाना है और पूरी घटना को हादसे जैसा कैसे दिखाना है, इस पर भी दोनों के बीच चर्चा होने का जांच एजेंसियों को संदेह है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से कुछ दिन पहले दोनों लोहागढ़ किले पर गए थे और केतन को धक्का देने की कथित योजना का अभ्यास किया था।
ऐसे की थी प्लानिंग
18 जून को वारदात वाले दिन सिया बहाने से केतन को लोहागढ़ किले पर लेकर गई। उनके पीछे-पीछे चेतन भी वहां पहुंचा। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए हुडी का सहारा लिया, लेकिन यही शक की वजह भी बन गई। जब पुलिस ने मामले की जांच की तो 33 डिग्री की गर्मी में हुडी पहने शख्स को देख पुलिस को संदेह हुआ। इसके अलावा चेतन ने मर्डर के दिन अपना मोबाइल दुकान पर छोड़ दिया था। उसने दूसरे मोबाइल का इस्तेमाल किया। दोनों ने अपने कई मैसेज डिलीट भी कर दिए थे। फिलहाल फॉरेंसिक टीम उनको रिकवर करने की कोशिश कर रही है।
पुलिस ने मामले में अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए रविवार (28 जून) को क्राइम सीन रीक्रिएशन भी किया। इस दौरान टीम सिया और चेतन को लेकर लोहागढ़ किले पर पहुंची। पुलिस अपने साथ केतन के वजन जितना एक डमी पुतला भी लेकर गई, जिसकी मदद से 18 जून को कथित तौर पर वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया, इसको सिलसिलेवार तरीके से दोहराया गया।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 28 June 2026 at 12:36 IST