Sikkim Tunnel Collapse: सिक्किम में सुरंग ढहने से अब तक 7 मजदूरों की मौत, बाकी श्रमिकों को बचाने की कोशिश तेज; जहरीली गैस ने बढ़ाई मुश्किल

सिक्किम के नामची जिले के समरडुंग, झोलुंगे के पास बन रही सुरंग में फंसे 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं बाकी फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिशें जारी हैं।

 
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Sikkim Tunnel Tragedy: Death Toll Rises to 7, Methane Gas Leak Hamper Ops as Rescue Teams Race to Reach Trapped Workers | Image: Republic

Sikkim Tunnel Collapse: सिक्किम के नामची जिले में सोमवार को हुए भयानक हादसे के बाद निर्माणाधीन सुरंग के भीतर करीब 27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। जिला प्रशासन ने अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जिनके शवों को सिंगतम, STNM अस्पताल (गंगटोक) और नामची जिला अस्पताल में भेजा गया है। फिलहाल सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए खोज और बचाव अभियान जारी है।

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा नामची चिले के समरडुंग में NHPC के तीस्ता स्टेज VI प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। अचानक हुए भूस्खलन के बाद सुरंग का प्रवेश रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अंदर करीब 27 मजबूर फंसे, जिनमें 21 कर्मचारी पटेल इंजीनियरिंग, जबकि 6 लोग NHPC से जुड़े बताए गए। हालांकि, फंसे लोगों की संख्या का सत्यापन अभी जारी है, इसमें बदलाव हो सकता है।

मौके पर SDRF-NDRF मुस्तैद

मौके पर नामची जिला प्रशासन, NHPC अधिकारी, SDRF, NDRF, सिक्किम पुलिस, फायर और इमरजेंसी सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभाग मौके पर मुस्तैद हैं। वहीं SSDMA स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है।

July 21, 2026

जहरीली गैस ने बढ़ाई मुश्किल

बताया जा रहा है कि सुरंग के भीतर मीथेन गैस होने की आशंका है, जिसने बचाव अभियान को बेहद मुश्किल बना दिया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने सोमवार को बताया था कि गैस की वजह से कई बचावकर्मियों को चक्कर आए, जबकि कुछ बेहोश भी हुए। माना जा रहा है कि भूस्खलन के बाद जमीन और चट्टानों की परतें खिसकने से गैस बाहर निकल आईं। इसके अलावा, एक और चीज जो राहत कार्य में रुकावट का कारण बन रही है वो टनल का संकरा रास्ता और कम दृश्यता है। ऐसे में बड़ी ही सावधानी से बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

NHPC प्रोजेक्ट के लिए बनाई जा रही थी सुरंग

बता दें कि यह सुरंग NHPC की तीस्ता स्टेज-VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही थी, जिसके निर्माण कार्य की जिम्मेदारी पटेल इंजीनियरिंग कंपनी के पास थी। गौरतलब है कि सिक्किम का पहाड़ी इलाका हमेशा से ही भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहा है। यहां होने वाली लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों में अचानक जमीन खिसकने की घटनाएं  बचाव कार्यों में अक्सर बड़ी चुनौती खड़ी करती है।

फिलहाल स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूरों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। 

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 21 July 2026 at 07:27 IST