अपडेटेड 24 February 2026 at 19:05 IST

सेवा तीर्थ में पहली कैबिनेट बैठक, मंत्रिमंडल ने लिया 'सेवा संकल्प'; PM मोदी बोले- यद् भद्रं तन्न आ सुव, क्या हैं इसके मायने?

Sewa Teerth Cabinet Meeting: आज नए PMO 'सेवा तीर्थ' में मोदी कैबिनेट की पहली बैठक हुई। इसमें 'सेवा संकल्प' प्रस्ताव पास हुआ। इसके साथ ही केरल को 'केरलम' करने और श्रीनगर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली। बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा- यद् भद्रं तन्न आ सुव। जानें इसके मायने...

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Sewa Teerth Cabinet Meeting | Image: ANI

New PMO Sewa Teerth Cabinet Meeting: PMO का नया पता ‘सेवा तीर्थ’ में मंगलवार को 11 बजे मोदी कैबिनेट की पहली बैठक हुई। बैठक में सेवा संकल्प का प्रस्ताव पारित किया गया। खास रहा कि केरल राज्य का नाम बदलकर अब ‘केरलम’  करने को मंजूरी दे दी गई। साथ ही श्रीनगर में इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल बनाने की भी मंजूरी मिली है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नए पीएमओ में हुई पहली कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी दी।

क्या है मोदी के ‘यद् भद्रं तन्न आ सुव’ के मायने?

बैठक के बाद पीएम मोदी ने X पोस्ट किया कि आज युगाब्द 5127, विक्रम संवत 2082, फाल्गुन शुक्ल अष्टमी के दिन नवनिर्मित सेवा तीर्थ में केंद्रीय कैबिनेट की प्रथम बैठक हुई। इसमें देश के लिए कई अभूतपूर्व निर्णय लिए गए।।

मोदी ने आगे लिखा, ‘इस दौरान, कैबिनेट ने ये संकल्प भी लिया कि स्वदेशी सोच, आधुनिक स्वरूप और 140 करोड़ देशवासियों के अनंत सामर्थ्य की बुनियाद पर बना सेवा तीर्थ राष्ट्रसेवा के कर्तव्य-यज्ञ को निरंतर आगे बढ़ाएगा। इस राष्ट्रयज्ञ में हमारा मंत्र है - यद् भद्रं तन्न आ सुव॥ अर्थात्, जो कुछ शुभ और कल्याणकारी है, जो भी नए विचार हैं, वो हमें अनवरत प्राप्त होते रहें।’

140 करोड़ देशवासियों के लिए निर्णय 

आज के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपनी बैठक में यह संकल्प लिया कि सेवा तीर्थ में लिया गया हर निर्णय 140 करोड़ देशवासियों के प्रति सेवा-भाव से प्रेरित होगा और राष्ट्र-निर्माण के लक्ष्य से जुड़ा होगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंत्रियों ने यह भी संकल्प किया कि संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है, जो शासन को नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है।  सेवा तीर्थ की कार्य-संस्कृति में यही भावना निहित होगी। 

यह बैठक भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत और ‘नवनिर्माण’ की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति मानी गई। एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, ‘हमने एक ऐसे भारत के सपने देखे, जिसकी सोच स्वदेशी हो, स्वरूप आधुनिक हो, और सामर्थ्य अनंत हो। आज यह सेवातीर्थ उसी संकल्पना का वह मूर्त रूप है, जो लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को बढ़ाएगा।’

बैठक में लिए गए अहम फैसले…

इस ऐतिहासिक बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान कहा कि कैबिनेट ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के आठ जिलों में तीन रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 

  • पहला फैसला केरल का नाम बदलकर केरलम करना है।
  • गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन को 5236 करोड़ की लागत से डबल करने का फैसला।
  • बिहार में पुनारख-किउल से तीसरी और चौथी रेलवे लाइन2668 करोड़ रुपये की लागत, और झारखंड में गम्हरिया-चांडिल से तीसरी और चौथी लाइन 1168 करोड़ रुपये की लागत को मंजूरी।
  • इसके अलावा श्रीनगर में 1,667 करोड़ रुपये के एक नया इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल को मंजूरी।
  • 1,067 करोड़ रुपये की लागत से अहमदाबाद मेट्रो- फेज 2बी के एक्सटेंशन का फैसला।
  • पावर सेक्टर में एक बड़ा नीतिगत निर्णय, और 430 करोड़ रुपये की लागत से कच्चे जूट के लिए MSP को मंजूरी।
  • कुल मिलाकर आज 12,236 करोड़ रुपये के फैसले और दो बड़े नीतिगत निर्णय।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 24 February 2026 at 19:05 IST