विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहा, बंगाल में जिन 20 सीटों पर सबसे ज्यादा वोट कटे वहां TMC ने सबसे ज्यादा 13 सीट जीती- SIR बवाल पर बोली BJP
SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति वाली मीडिया रिपोर्ट पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने साफ बताया है कि सभी लोकतांत्रिक विचार-विमर्श पूरे होने के बाद SIR एकमत से हुई है।
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देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर एक बार फिर तीखी राजनीतिक बयानबाजी छिड़ गई है। विपक्षी दलों ने बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मनमाने ढंग से फैसले लेने का गंभीर आरोप लगाया। इसके बाद चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर विपक्ष के सारे आरापों और मीडिया रिपोर्ट में उठाए गए सवाल का जवाब दिया। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों का जोरदार खंडन किया है।
SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति वाली मीडिया रिपोर्ट पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "2014 से जब से प्रधानमंत्री मोदी पावर में आए हैं तभी से विपक्ष लगातार हर चुनाव में धराशायी हुआ है। विपक्ष ने हमारी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम किया हुआ है। चुनाव आयोग ने अपने पहले पैराग्राफ में एक बात साफ शब्दों में लिख दी है कि सभी लोकतांत्रिक विचार-विमर्श पूरे होने के बाद SIR एकमत से हुई है।"
किसी तानाशाही के नीचे कोई काम नहीं कर रहा-संबित पात्रा
संबित पात्रा ने आगे कहा "चुनाव आयोग और कोई भी विभाग किसी तानाशाही के नीचे काम नहीं कर रहा है। ये सभी संवैधानिक संस्थाएं लोकतांत्रिक ढ़ंग से कार्य कर रही हैं। विपक्ष विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहा, जबकि बंगाल में सबसे अधिक वोट 20 विधानसभा सीटों पर कटे हैं। इनमें 13 सीटों पर ममता बनर्जी की TMC, 1 सीट पर कांग्रेस और 6 सीटों पर भाजपा की जीत हुई थी"।
हम लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं- संबित पात्रा
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने आगे कहा, "हम किसी खास व्यक्ति को बचाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। हम भारत के लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हम भारत की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ फैलाए जा रहे गलत प्रचार का मुकाबला करने की कोशिश कर रहे हैं। ये लोग पहले ही सुप्रीम कोर्ट जा चुके हैं, और किसी ने उन्हें रोका नहीं है। जहां तक महाभियोग या संसद में मुद्दा उठाने की बात है, तो मैं चुनौती देता हूं। बस एक खाली कागज का पन्ना ले आइए, और मैं उस पर साइन कर दूंगा। जब शीतकालीन सत्र शुरू होगा, तो वे सत्र को एक दिन भी नहीं चलने देंगे; आप उन्हें बाहर खड़े होकर भारी हंगामा करते और नारे लगाते हुए देखेंगे।"
राहुल गांधी पर बरसे बीजेपी सांसद
SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों पर संबित पात्रा ने कहा, "पूरा देश देख रहा है कि असल में देशद्रोह कौन कर रहा है। देशद्रोह क्या है? देशद्रोह तब होता है जब आप विदेशी धरती पर जाकर अपने देश के सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, प्रधानमंत्री और सभी संस्थाओं को नीचा दिखाते हैं। राहुल गांधी कौन होते हैं जो पश्चिम में जाकर अमेरिका और यूरोप के देशों से हमारे देश के लोकतंत्र को बहाल करने के लिए उसमें दखल देने को कहते हैं? इससे बड़ा देशद्रोह का काम और क्या हो सकता है? एक देशद्रोही को किसी और को देशद्रोही कहने का कोई हक नहीं है। उनसे पूछिए; वे देशद्रोहियों की पहचान किसी और से बेहतर जानते हैं।"
नवीन चावला का किस्सा याद दिलाया
यूपीए सरकार के समय लिए गए एक फैसले का जिक्र करते हुए संबित पात्रा ने कहा, "सोनिया गांधी की अयोग्यता से जुड़े 2009 के मामले पर एक बहुत महत्वपूर्ण लेख छपा है, जिसमें पता चला है कि दो चुनाव आयुक्तों ने असहमति पत्र सौंपे थे। सोनिया गांधी ने नवीन चावला को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया था। सोनिया गांधी को अयोग्य न ठहराने का फैसला लिया गया। दो चुनाव आयुक्तों का मानना था कि अयोग्यता की जरूरत नहीं है, जबकि मुख्य चुनाव आयुक्त का मानना था कि जांच जरूरी है। जरा सोचिए, वहां भी असहमति हुई थी, फिर भी उसे छिपाने की कोशिश की गई, और बाद में नवीन चावला को चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिया गया। मेरा मानना है कि लोकतंत्र के लिए मौजूदा समय से बेहतर समय कभी नहीं रहा।"
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 23 September 2026 at 17:14 IST