Sambhal: सर्वे पर भड़के ओवैसी, हिंसा पर बोले- ये फायरिंग नहीं, मर्डर है; सर्वे कराने आ रहे हैं वो...

उत्तर प्रदेश के संभल में भड़की हिंसा पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मस्जिद के सर्वे पर सवाल उठाया है और पूरी घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

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Asaduddin Owaisi on Sambhal Violence | Image: PTI/Republic

Sambhal Mosque Row: उत्तर प्रदेश का संभल हिंसा की आग में चल रहा है। यहां शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर उठे विरोध के सुर ने हिंसा का रूप ले लिया। रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन में 4 लोग बेमौत मारे गए। वहीं, 20 से ज्यादा लोग घायल हैं। घायलों में कई पुलिस अधिकार भी शामिल हैं। वहीं, अब इस घटना ने राजनीति रूप भी ले लिया। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में संभल हिंसा का मुद्दा गूंजा। वहीं, AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मस्जिद के सर्वे पर सवाल उठाया है और पूरी घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

संभल में भड़की हिंसा के बाद अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर लोग कम पुलिस ज्यादा नजर आ रही है। डरे सहमे लोग घरों में कैद हो गए हैं। मगर राष्ट्रीय राजधानी में सड़क से लेकर सदन तक संभल हिंसा को लेकर बयानबाजी जारी है। विपक्ष घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साध रही है। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में संभल हिंसा को लेकर जमकर हंगामा हुआ। वहीं, AIMIM असदुद्दीन ओवैसी ने सर्वे को लेकर कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाया है।

कोर्ट ने मस्जिद के लोगों की बात नहीं सुनी- ओवैसी

संभल में पथराव की घटना पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "संभल में मस्जिद 50-100 साल पुरानी नहीं है, यह 250-300 साल से भी ज्यादा पुरानी है। कोर्ट ने मस्जिद के लोगों की बात सुने बिना ही एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जो गलत है। जब दूसरा सर्वेक्षण किया गया तो कोई जानकारी नहीं दी गई। सर्वेक्षण का वीडियो जो लोग दावा कर रहे हैं कि सार्वजनिक डोमेन में है, उसमें सर्वेक्षण के लिए आए लोगों द्वारा भड़काऊ नारे लगाए गए थे।

 ये फायरिंग नहीं, मर्डर है-ओवैसी

ओवैसी ने पुलिस गोलीबारी सवाल उठाते हुए कहा कि  हिंसा हुई, तीन मुसलमानों को गोली मार दी गई। हम इसकी निंदा करते हैं। यह गोलीबारी नहीं बल्कि हत्या है। इसमें शामिल अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए और एक मौजूदा उच्च न्यायालय को जांच करनी चाहिए कि यह पूरी तरह से गलत है, वहां अत्याचार हो रहे हैं। बता दें कि सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने भी  संभल हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने की मांग की है।

संभल में इंटरनेट बैन, स्कूल भी बंद

संभल में रविवार को भड़की हिंसा के बाद इंटरनेट पर बैन लगा दिया गया। वहीं, 12वीं तक के स्कूलों को सोमवार को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। भारी संख्या में उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने वाहनों को जलाने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। देर रात तक सड़कों पर आगजनी हुई।

संभल में क्यों भड़की हिंसा?

बता दें स्थानीय अदालत के आदेश पर बीते मंगलवार को जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया था जिसके बाद से संभल में पिछले कुछ दिनों से तनाव व्याप्त है। रविवार को कोर्ट के आदेश पर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक सर्वे किया जाना था। मगर अचानक वहां सर्व का विरोध करने बड़ी संख्या में उपद्रवी पहुंच गए और पत्थरबाजी करने लगे। दरअसल स्थानीय अदालत में एक याचिका दाखिल करके दावा किया गया है कि जिस जगह पर जामा मस्जिद है, वहां पहले हरिहर मंदिर था
 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 25 November 2024 at 15:08 IST