TMC के बागी सांसद NCPI में करेंगे विलय, NDA को देंगे समर्थन, काकोली घोष ने कर दिया ऐलान, टूट जाएगी ममता बनर्जी की पार्टी
बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष ने स्पीकर ओम बिरला संग मुलाकात के बाद कहा कि हम 20 सासंद नेशनलिस्ट सूटूजन पार्टी में मर्ज कर रहे हैं। हम NDA के साथ रहेंगे
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TMC: रविवार, 14 जून को TMC से बागी हुए 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। इस बीच उन्होंने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए बंगाल की क्षेत्रीय पार्टी नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ विलय की तैयारी कर रही है। बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष ने स्पीकर ओम बिरला संग मुलाकात के बाद कहा कि हम 20 सासंद नेशनलिस्ट सूटूजन पार्टी में मर्ज कर रहे हैं। स्पीकर इसे स्वीकार कर रहे हैं। हम NDA के साथ रहेंगे। माना जा रहा है कि बागी गुट ने यह कदम भविष्य में कानूनी अड़चन से बचने के लिए उठाया है।
हम NDA के साथ मिलकर काम करेंगे- काकोली घोष
काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि हम 20 सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और अलग बैठने का अनुरोध करते हुए एक पत्र सौंपा। ये 20 सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा हैं। हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय कर रहे हैं। आगे चलकर, हम देश के लिए काम करेंगे और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे।
जुलाई में मांगेंगे TMC का नाम- सुदीप बंद्योपाध्याय
वहीं, TMC के बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा, "हम 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी' में शामिल हो गए हैं। यह एक क्षेत्रीय पार्टी है। नियम यही है। जब आप पार्टी के 2/3 सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम इस्तेमाल करने की मांग नहीं कर सकते... जुलाई में हम तृणमूल का नाम हमें देने की मांग करेंगे क्योंकि हमारे पास तृणमूल के 2/3 सदस्यों का समर्थन है। फिर कोर्ट तय करेगा।
ओम बिरला से अभिषेक बनर्जी ने लगाई गुहार
इससे पहले TMC सांसद कीर्ति आजाद और सागरिक घोष ने भी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की थी। उन्होंने TMC के राष्ट्रीय महासचिव और संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी की चिट्ठी लोकसभा स्पीकर को सौंपी, जिसमें पार्टी के किसी भी कथित अलग गुट को मान्यता न देने की मांग की गई है। चिट्ठी में साफ-साफ कहा गया है कि लोकसभा में TMC का प्रतिनिधित्व केवल पार्टी के अधिकृत नेता और व्हिप के माध्यम से ही होना चाहिए। साथ ही उन्होंने दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखने की बात भी कही है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 14 June 2026 at 20:07 IST