राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अयोध्या बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला, कहा- कोई भी वकील आरोपियों की तरफ से नहीं लड़ेगा केस; रखी ये शर्त

अयोध्या बार एसोसिएशन सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि कोई भी वकील राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपियों का पक्ष कोर्ट नहीं रखेगा। वकीलों ने गिरफ्तार आरोपियों की कोर्ट में पैरवी न करने का फैसला किया है।

 
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Ram Temple donation row | Image: Republic

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की चर्चा पूरे देश में हो रहे हैं। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई और फिर इनकी गिरफ्तारी हुई। अब मामले में अयोध्या बार एसोसिएशन ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला लिया है। वकीलों ने गिरफ्तार आरोपियों की कोर्ट में पैरवी न करने का फैसला किया है। एसोसिएशन के किसी भी सदस्य के ऐसे करना पर जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव पास किया गया है।

बार एसोसिएशन की बैठक में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। एसोसिएशन ने राम मंदिर दान गबन मामले में यह रुख अपनाते हुए 2005 वाले अपने पुराने फैसले को दोहराया है। उस समय भी आतंकवादियों द्वारा राम जन्मभूमि परिसर पर हमले के आरोपी व्यक्तियों की पैरवी करने से वकीलों ने इनकार कर दिया था।

कोई भी वकील चंदा चोरी के आरोपियों की नहीं लड़ेगा केस

अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा, "कोई भी वकील आरोपियों का पक्ष नहीं रखेगा। अगर कोई वकील उनका पक्ष रखता है, तो उसे एसोसिएशन के कंट्रीब्यूशन फंड में प्रति नाम 5 लाख रुपये जमा करने होंगे। चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए CrPC की धारा 173 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी। CBI जांच की मांग की जाएगी।"

June 29, 2026

चंपत राय,अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर एक्शन की मांग

एसोसिएशन ने फैसले लिया है कि जरूरत पड़ने पर अयोध्या एडवोकेट्स एसोसिएशन अपने खर्च पर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी। अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने आगे कहा,मंदिर प्रबंधन से जुड़े तीन प्रमुख व्यक्तियों- चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को जांच के दौरान अयोध्या छोड़ने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।

June 29, 2026

पहली FIR में 8 आरोपियों का नाम

वकीलों का कहना है कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थल से जुड़े गबन के आरोप इतने गंभीर हैं कि वे ऐसे मामलों की पैरवी नहीं करेंगे। बैठक में शामिल अधिवक्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि यह फैसला राम मंदिर की गरिमा और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है बता दें कि  राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार शुरू से ही बहुत ज्यादा सख्त है।  टिन्नू यादव, अविनाश, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, सुभाष चंद्र, करुणेश पांडे और रमाशंकर मिश्रा समेत सभी 8 आरोपियों पर FIR दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 29 June 2026 at 14:59 IST