कोटा से सनसनीखेज खबर, JEE की तैयारी कर रहे छात्र ने की खुदकुशी तो दूसरे की संदिग्ध हालात में मौत; परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
राजस्थान के कोटा शहर में दो छात्रों की मौत का मामला सामने आया है। एक छात्र ने अपने PG में खुदकुशी कर ली तो दूसरे की संदिग्ध हालात में मौत हुई है।
- भारत
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कोचिंग हब राजस्थान के कोटा शहर में एक बार फिर दो छात्रों की मौत ने सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इनमें से एक मामले में मृतक के परिवार ने हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जबकि दूसरे छात्र ने खुदकुशी कर ली है। मध्य प्रदेश के रहने वाले 16 वर्षीय JEE अभ्यर्थी का शव रविवार रात पीजी में फंदे से लटका मिला। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
बिहार के दरभंगा का रहने वाला नीट अभ्यर्थी गौतम कुमार शनिवार रात अपने हॉस्टल के बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिला। वह कोटा के कुन्हाड़ी इलाके के हॉस्टल में रहता था। रविवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डीएसपी देवेश भारद्वाज ने बताया कि छात्र ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर समय पर ध्यान न देने का आरोप लगाया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का खुलासा होगा।
टेस्ट से पहले की खुदकुशी
वहीं, मध्य प्रदेश के रहने वाले छात्र महावीर नागर रविवार रात अपने पीजी में फंदे से लटका मिला। छात्र जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित पीजी में रहता था और शिवपुरी का मूल निवासी था। घटना से एक दिन पहले छात्र ने अपनी मां से बात की थी। अगले दिन उसका टेस्ट भी होना था। रविवार दोपहर उसने कोचिंग संस्थान में मॉक टेस्ट दिया।
एक दिन पहले मां से की थी बात
पीजी लौटने के बाद उसने फोन का जवाब देना बंद कर दिया और कई बार खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खोला। पीजी संचालक ने खिड़की से अंदर देखा तो छात्र फंदे से लटका मिला। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस मौके पर पहुंची, शव को अस्पताल ले जाया गया और परिजनों को सूचना दी गई। ये दोनों घटनाएं कोटा में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फिर से सवाल खड़े करती हैं।
बिहार की छात्र की संदिग्ध हालत में मौत
पुलिस ने बताया कि बिहार का छात्र गौतम दो साल से कोटा में रह रहा था और उसने नेशनल एंट्रेंस-कम-एलिजिबिलिटी टेस्ट (NEET) पास करने के लिए दो बार प्रयास किए थे। परिवार ने बताया कि गौतम पढ़ाई में अच्छा था और उस पर पढ़ाई को लेकर कोई तनाव नहीं था। हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही और समय रहते कोई कदम न उठाए जाने का आरोप लगाते हुए, परिवार ने हॉस्टल प्रशासन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 26 October 2026 at 17:05 IST