भारत में ISI का फंडिंग एजेंट रफीक चांद गिरफ्तार, 4 साल से जासूसों को पहुंचा रहा था पैसे; राजस्थान CID का बड़ा एक्शन

राजस्थान CID ने ISI के फंडिंग एजेंट रफीक चांद शेख को गिरफ्तार किया है, जो 4 साल से जासूसी गतिविधियों के लिए पैसे पहुंचा रहा था, जानें क्या है पूरा मामला, पढ़ें पूरी खबर

 
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पाकिस्तान के ISI नेटवर्क पर राजस्थान CID का बड़ा प्रहार, 4 साल से भारत में बैठकर पहुंचा रहा था जासूसी का पैसा, फंडिंग एजेंट गिरफ्तार | Image: Republic

Pakistan spy in Rajasthan: राजस्थान पुलिस की CID इंटेलिजेंस को पाकिस्तान की ISI एजेंसी से जुड़े फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता मिली है। CID ने 30 जून को रफीक चांद शेख नाम के एक शख्स को हिरासत में लिया। आरोप है कि वो करीब 4 साल से भारत में बैठकर ISI के जासूसों तक पैसे पहुंचाने का काम कर रहा था।

गिरफ्तारी कैसे हुई?

CID के अधिकारियों के मुताबिक, रफीक चांद शेख सोशल मीडिया पर ISI के एक हैंडलर से जुड़ा था। हैंडलर के निर्देश पर वो भारत में सक्रिय लोगों तक फंड पहुंचाने लगा, उसने अपने नाम के अलावा दूसरे लोगों के नाम से भी बैंक खाते खुलवाए। इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर ISI से आने वाले पैसे को आगे भेजने में होता था।

नेटवर्क का राज कैसे खुला?

ये पूरा मामला जनवरी 2026 में हुई दो गिरफ्तारियों से खुला, जैसलमेर के झबराराम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात सुमित कुमार को भारतीय सेना की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान भेजने के आरोप में पकड़ा गया था। जांच के दौरान पता चला कि इन दोनों को जासूसी के बदले मिलने वाला पैसा रफीक चांद शेख के जरिए भेजा जाता था।

जैसलमेर में ई-मित्र चलाने वाले झबराराम पर आरोप है कि लालच में आकर उसने अपना व्हाट्सएप अकाउंट ISI हैंडलर्स के कंट्रोल में दे दिया। इससे वो भारतीय सेना की गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां शेयर कर पाता था।

ISI नेटवर्क का भंडाफोड़ 

CID अब पूरे फाइनेंस नेटवर्क की जांच कर रही है। बैंक खातों के लेन-देन, दूसरे संभावित साथियों और पैसे पाने वालों की जांच तेजी से चल रही है। रफीक से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। राजस्थान पुलिस का साफ कहना है कि देश की सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

ये घटना दिखाती है कि ISI भारत के अंदर अपने नेटवर्क को कितनी चालाकी से चलाने की कोशिश कर रहा है। सीमा से सटे राजस्थान जैसे इलाकों में ऐसे एजेंट्स की सक्रियता हमारी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। आम लोग भी सतर्क रहें और कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को बताएं। पुलिस ने कहा कि जांच अभी जारी है, आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 1 July 2026 at 20:44 IST