Railway ने टिकट बुकिंग नियमों में किए कई बदलाव, अब रिजर्वेशन चार्ट 4 नहीं बल्कि 8 घंटे पहले होगा तैयार
रेलवे ने हाल ही में यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग के नियमों में कई बदलाव किए, जो 1 जुलाई से लागू होगा। अब रिजर्वेशन चार्ट 4 नहीं बल्कि 8 घंटे पहले तैयार होगा।
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भारतीय रेलवे यात्रियों को सफर को आसान बनाने के लिए एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहा है। टिकट बुकिंग के नियम में बदलाव करने के बाद अब रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट को लेकर नया फैसला लिया। दरअसल, पहले जो रिजर्वेशन चार्ट जारी किया जाता था, वह ट्रेन के रवाना होने से 4 घंटे पहले होता था। हालांकि, अब इसे बदल दिया गया है।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट को ट्रेन के रवाना होने से 4 घंटे नहीं बल्कि आठ घंटे पहले जारी करने का निर्णय लिया है। एक तो वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के लिए यह एक राहत की खबर है। वहीं दूसरे शहरों में जाकर ट्रेन पकड़ने वालों के लिए भी यह आसान होगा। अब ट्रेन बुकिंग करने के बाद अगर आपकी टिकट वेटिंग लिस्ट में होगी, तो कन्फर्मेशन की जानकारी के लिए आपको लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब ट्रेन रवाना होने से आठ घंटे पहले ही आपको टिकट कन्फर्म या कैंसिल होने की जानकारी मिल जाएगी।
तत्काल बुकिंग के लिए सख्त हुए नियम
01 जुलाई से IRCTC की वेबसाइट या ऐप के जरिए केवल आधार वेरिफाइड यूजर्स ही टिकट बुक कर सकेंगे। इसके अलावा 15 जुलाई 2025 से Tatkal Booking के लिए आधार-आधारित ओटीपी वेरिफिकेशन भी अनिवार्य कर दिया जाएगा।
पहले 30 मिनट में एजेंट्स नहीं बुक कर सकेंगे टिकट
जानकारी के अनुसार पहले 30 मिनट में ऑथराइज्ड एजेंट्स तत्काल टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। एसी कोच के लिए 10 से 10.30 और नॉन एसी कोच के लिए 11 बजे से साढ़े 11 बजे तक एजेंट्स के पास टिकट बुक करने का अधिकार नहीं होगा।
एजेंट्स को कस्टमर्स से लेना होगा OTP
इतना ही नहीं, एजेंट्स जब टिकट बुक करेंगे, तो वह जिनके लिए टिकट बुक कर रहे हैं, उनके मोबाइल नंबर पर आने वाला एक OTP लेना होगा। तभी वह टिकट बुक कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर लिखा, "भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुक करने के लिए ई-आधार प्रमाणीकरण का उपयोग शुरू करेगा। इससे रियल यूजर्स को जरूरत के समय कन्फर्म टिकट पाने में मदद मिलेगी।"
वेटलिस्टेड टिकट कटा कर सफर करने वालों की बढ़ेगी टेंशन
रेलवे के नए नियम के अनुसार वोटिंग लिस्ट वाली टिकट की संख्या अब उपलब्ध सीटों की संख्या के 25 फीसदी से ज्यादा नहीं होगी। इसका मतलब यह है कि अगर किसी क्लास में 100 सीटें हैं, तो उनमें से केवल 25 सीटें ही वेटिंग वाले लोगों के नाम होंगी। पहले ऐसा नहीं था। पहले स्लीपर क्लास के लिए 300 से ज्यादा और एसी चेयरकार में 150 से ज्यादा वेटिंगलिस्टेड टिकट होती थी। मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा, "यह नियम सभी क्लास - स्लीपर, सेकंड AC, थर्ड AC, चेयर कार - और तत्काल और दूर-दराज के इलाकों से बुकिंग पर भी लागू होगा।"
Published By : Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड 29 June 2025 at 23:52 IST