'NEET पर संसद में चर्चा की मांग मान ली तो वो वादे से मुकर गए, फिर उन्होंने इस्तीफे...', केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने Rahul पर लगाए गंभीर आरोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरने पर बैठे विपक्षी नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बात से मुकर जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया राहुल गांधी की मांगों मान लिया गया लेकिन फिर उन्होंने अपनी मांगें बदल दी।
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पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे विपक्षी नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस बातचीत के बारे में बताया। उन्होंने बातचीत के बारे में बताने हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ऊपर मांगों के मांग लेने के बाद भी मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पहले राहुल गांधी ने यह मांग रखी कि सरकार संसद में NEET पर चर्चा हो, लेकिन उनकी मांगे मान ली गई, तो उसके बाद वो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ गए।
NEET चर्चा पर तैयार, पर राहुल गांधी पलटे
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा 'कुछ समय पहले, यह ज्ञात हुआ कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके साथ अन्य वरिष्ठ नेता, जैसे कि श्री राहुल गांधी, श्रीमती प्रियंका गांधी इत्यादि अकस्मात ही अकबर रोड के समीप एक स्थान पर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गयेहैं। सरकार ने इस वरिष्ठ दल की गरिमा के दृष्टिगत, मुझे स्वयं और मेरे साथ केंद्रीय गृह सचिव, श्री गोविंद मोहन को इन वरिष्ठ नेताओं से वार्ता करने हेतु मौके पर भेजा।'
आगे उन्होंने कहा 'श्री राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि यह स्थल धरने का स्थल नहीं है, और यहां पर धरना करने से जनसाधारण को काफी असुविधा भी पहुंच रही है। श्री राहुल गांधी जी ने यह मांग रखी कि यदि सरकार संसद में NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए मान जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देगें।
कुछ ही क्षणों में सरकार के शीर्ष नेतृत्व की अनुमति लेने के बाद, श्री राहुल गांधी को यह आश्वासन दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है, तथा सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है।'
राहुल गांधी अपनी बात से मुकरे
जितेंद्र सिंह ने आगे कहा 'श्री राहुल गांधी जी को जब यह सूचना पहुंचाई गई तो उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे अपितु उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी आश्वासन चाहा। उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे हैं: संसद में चर्चा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। जब उनको याद दिलाया गया कि पहले उन्होने केवल चर्चा की ही मांग की थी, तब उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गयी हैं।
जब उनको विनम्रता से ये समझाने का प्रयास किया गया कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्जी है। जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नहीं हैं तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्जी है वे जहां बैठें।'
लोकतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी द्वारा अपनी बातों पर मुकर जाने को लेकर कहा 'श्री राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत है। सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है।
इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने आज तक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया है। श्री राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के उसूलों से मेल नहीं खाता है।'
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 21 July 2026 at 19:53 IST