अपडेटेड 28 February 2026 at 19:02 IST
जमीन पर गिरने से पहले पेड़ से टकराया था अजित पवार का विमान... शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा, इस वजह से हुआ था प्लेन क्रैश
महाराष्ट्र के पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। इस रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं। 28 जनवरी 2026 को बारामती में जमीन पर गिरने से पहले उनका विमान पेड़ से टकराया था।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) को ले जा रहे विमान दुर्घटना की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी बेहद कम थी, जो VFR (विजुअल फ्लाइट रूल्स) उड़ानों के लिए निर्धारित न्यूनतम मानक 5 किलोमीटर से काफी नीचे थी। रिपोर्ट में दुर्घटना के संभावित कारणों पर चर्चा की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का Learjet 45XR विमान मुंबई से बारामती जा रहा था। यह एक नॉन-शेड्यूल्ड चार्टर फ्लाइट थी, जिसमें अजित पवार समेत दो पायलट, एक केबिन अटेंडेंट और दो पैसेंजर सवार थे। विमान ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सुबह करीब 8:10 बजे उड़ान भरी थी और बारामती पहुंचते हुए रनवे 11 पर लैंडिंग की कोशिश की। हालांकि, कम विजिबिलिटी के कारण पहली अप्रोच में गो-अराउंड (उड़ान रद्द कर दोबारा प्रयास) किया गया। दूसरी अप्रोच के दौरान विमान रनवे के बाएं तरफ क्रैश हो गया, जिससे आग लग गई और सभी सवारों की मौत हो गई।
पहले पेड़ से टकराया विमान
रिपोर्ट में बताया गया है कि बारामती एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है, जहां कोई नेविगेशनल एड्स नहीं हैं, सिवाय विंड सॉक्स के। एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी 3 किलोमीटर बताई गई थी, जो VFR उड़ानों के लिए कम थी। पास के पुणे और मुंबई एयरपोर्ट्स पर भी उस समय विजिबिलिटी 2-2.5 किलोमीटर थी, लेकिन बारामती में पैचेस में कोहरे की संभावना जताई गई है।
विमान के मलबे की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल है, जिसमें दिखाया गया है कि विमान पहले पेड़ से टकराया और फिर जमीन पर गिरा। AAIB की रिपोर्ट में जांच की प्रगति पर विस्तार से जानकारी दी गई है।
- फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) : डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है और इसका विश्लेषण जारी है।
- कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) : थर्मल डैमेज के कारण डेटा डाउनलोड के लिए अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की मदद ली जा रही है।
- ऑपरेटर के स्टाफ के बयान दर्ज किए गए हैं, दस्तावेज जब्त हैं और मलबे को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर तकनीकी जांच की जा रही है।
- NTSB ने बॉम्बार्डियर, हनीवेल और FAA के विशेषज्ञों को जांच में सहायता के लिए नियुक्त किया है।
- सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसमें एयरक्राफ्ट की मेंटेनेंस, पायलटों की योग्यता, मौसम और एयरपोर्ट सुविधाएं शामिल हैं।
अनुभवी थे दोनों पायलट
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि दोनों पायलट अनुभवी थे। पायलट-इन-कमांड (PIC) की उम्र 61 वर्ष थी और उनका कुल फ्लाइंग अनुभव 18,855 घंटे था, जबकि फर्स्ट ऑफिसर (FO) 25 वर्ष के थे और उनका अनुभव 2,490 घंटे था। दोनों ने पहले बारामती पर उड़ान भरी थी और VIP फ्लाइट्स का अनुभव था। प्री-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट निगेटिव था और पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण "मल्टीपल इंजरी और बर्न्स" बताया गया है।
DGCA को सिफारिशें
रिपोर्ट में विमानन सुरक्षा बढ़ाने के लिए DGCA को सिफारिश की गई है कि अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड्स पर VFR उड़ानों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का सख्त पालन सुनिश्चित किया जाए। उड़ानें केवल न्यूनतम मौसम मानकों (5 किमी विजिबिलिटी) में ही अनुमत हों। चार्टर, प्राइवेट और नॉन-शेड्यूल्ड उड़ानों का नियमित ऑडिट किया जाए। इन एयरपोर्ट्स पर लैंडिंग एड्स जैसे बेहतर MET सुविधाएं, बाउंड्री वॉल, ARFF यूनिट को मजबूत किया जाए।
रिपोर्ट में जोर दिया गया है कि जांच का उद्देश्य किसी भी दोष लगाना नहीं, बल्कि भविष्य में दुर्घटनाओं की रोकथाम है। AAIB ने कहा है कि अंतिम रिपोर्ट जांच पूरी होने के बाद जारी की जाएगी। यह दुर्घटना महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा झटका थी, क्योंकि अजीत पवार एक प्रमुख नेता थे।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 28 February 2026 at 18:42 IST