'सपा को रथ यात्रा नहीं हज यात्रा निकालनी चाहिए', प्रमोद कृष्णम का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार, टोपी के लाल रंग को लेकर भी दी सलाह
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लाल टोपी उतार देनी चाहिए और उसकी जगह दूसरे तरह की टोपी लगानी चाहिए।
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Republic Manthan Summit 2026: आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यूपी विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी की निकलने वाली 'रथ यात्रा' पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सपा को 'रथ यात्रा' नहीं 'हज यात्रा' निकालनी चाहिए। उनका यह बयान सपा की तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति पर सीधा प्रहार है।
समाजवादी पार्टी को 'नमाजवादी' कहे जाने के मुद्दे पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा, 'नमाजवादी होना कोई बुरी बात नहीं है, यह अपने आप में एक बहुत बड़ा और गंभीर विषय है। लेकिन अफसोस तो इस बात का है कि ये लोग असली नहीं, बल्कि नकली नमाजवादी हैं। भला कोई सिर पर लाल टोपी पहनकर नमाजवादी कैसे हो सकता है? मैं अखिलेश यादव को एक सलाह देना चाहता हूं कि अगर आपको नमाजवादी ही बनना है, तो पूरे मन से बनिए। यह लाल टोपी उतारिए और उसकी जगह दूसरे तरह की (इस्लामिक) टोपी लगाइए।'
सपा का लोहिया के समाजवाद से कोई नाता नहीं- प्रमोद कृष्णम
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया के समाजवाद से अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का कोई नाता नहीं है। अखिलेश यादव का लोहिया से ठीक वैसा ही रिश्ता है, जैसा राहुल गांधी का महात्मा गांधी से है। जिस प्रकार महात्मा गांधी का एक भी आदर्श राहुल गांधी के आचरण में नहीं झलकता, ठीक उसी प्रकार डॉ. लोहिया के सिद्धांतों और समाजवाद की एक भी झलक अखिलेश यादव में नहीं दिखाई देती। डॉ. राम मनोहर लोहिया का समाजवाद परिवारवाद, जातिवाद और पूंजीवाद के खिलाफ था।
सपा की पूर्ववर्ती सरकार का क्यों किया जिक्र?
इससे पहले प्रमोद कृष्णम ने सपा की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल की चर्चा की। उन्होंने कहा, 'उस समय उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी। उसके बाद 2012 से 2017 तक उनके बेटे अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार रही। आज जिस स्थान पर 'श्री कल्कि धाम' का निर्माण और शिलान्यास हुआ है, उसकी कहानी बहुत पुरानी है। जब मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे और संभल अलग जिला भी नहीं बना था, तब इसके शिलान्यास की तारीख तय की गई थी। लेकिन उस दौर में वहां के सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क थे, जो अक्सर सत्ताधारी दल के साथ हो जाते थे (जिसके कारण काम में अड़चनें आईं)। इसके बावजूद, हमारे संकल्प में इतनी शक्ति थी कि हम 18 वर्षों तक लगातार संघर्ष करते रहे। हमारे इस पवित्र संकल्प को असल ताकत और पूर्णता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आने के बाद ही मिली।'
मुसलमानों से की ये खास अपील
इस दौरान उन्होंने मुसलमानों से विनम्र दरख्वास्त भी की। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के तमाम मुसलमान बहन-भाइयों से हाथ जोड़कर निवेदन करना चाहता हूं कि वो इस देश की मिट्टी में पैदा हुए हैं और इस देश की मिट्टी में मिल जाएंगे। वो खुद को बाबर, तैमूरलंग और महमूद गजनवी से न जोड़े।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 19 July 2026 at 20:41 IST