PM ने जिम्मेदारी दी है, ईमानदारी से काम करूंगा... शिक्षा मंत्री का जिम्मा मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी की पहली प्रतिक्रिया, जानिए और क्या बोले?
प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्री बनाए जाने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता के भाव से स्वीकार करता हूं। प्रधानमंत्री ने मुझ पर जिस विश्वास के साथ ये जिम्मेदारी सौंपी है, मैं उसे पूरी विनम्रता के साथ निभाऊंगा।
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Pralhad Joshi: नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को दी गई है। शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे और प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरने की हर संभव कोशिश करेंगे।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, 'मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता के भाव से स्वीकार करता हूं। प्रधानमंत्री ने मुझ पर विश्वास रखकर ये जिम्मेदारी दी है। मैं पूरी विनम्रता और जिम्मेदारी के साथ इसे निभाऊंगा।'
'PM की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देता हूं। उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में मैं ईमानदारी से काम करूंगा और इस विभाग में उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा।'
धर्मेंद्र प्रधान को लेकर क्या बोले?
इसके अलावा उन्होंने अपने बयान में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 12 सालों में कई ऐतिहासिक काम किए हैं। बीते 4-5 सालों में धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति को अच्छी तरह लागू किया।
BJP के बड़े चेहरों में से एक प्रह्लाद जोशी
प्रह्लाद जोशी लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। वह साल 2004 से लगातार धारवाड़ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने पहली बार 2004 में इस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था, जहां कांग्रेस के बीएस पाटिल को हराकर उन्होंने संसद का सफर तय किया। इसके बाद से वह इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ को लगातार मजबूत करते गए। इसके अलावा वह 2014 से 2016 तक कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
इसके अलावा उनका राजनीतिक सफर RSS से भी जुड़ा रहा है। साल 1992 से 1994 के बीच हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के आंदोलन से उन्हें बड़ी पहचान मिली। अपने शुरुआती राजनीतिक दौर में उन्होंने 'कश्मीर बचाओ आंदोलन' की कमान भी संभाली थी।
धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं के नेतृत्व वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' की मुख्य मांग थी, जिसके समर्थक दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिनों से लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। अपने इस्तीफे के पत्र में प्रधान ने कहा कि उनका फैसला निजी कारणों से नहीं, बल्कि छात्रों की चिंता के कारण लिया गया है।
फिर प्रह्लाद जोशी को मिला चार्ज
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद ही केंद्र सरकार की ओर से प्रह्लाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त कर दिया गया। प्रह्लाद जोशी अपने मौजूदा विभागों के अलावा शिक्षा मंत्रालय का कामकाज भी संभालेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद यह नई नियुक्ति की गई है।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 26 July 2026 at 07:35 IST