'ज्ञानेश कुमार पर चले मुकदमा', CEC के खिलाफ महुआ मोइत्रा ने दर्ज कराई शिकायत, वोटर लिस्ट में हेरफेर का लगाया आरोप
Mahua Moitra: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई हैं। उन्होंने CEC प्रमुख के ऊपर मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाया है।
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गुरुवार, 24 सितंबर को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर वोटर लिस्ट में प्रक्रिया का उल्लंघन करने एकतरफा फैसले लेने और मतदाता सूची में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। इस दौरान उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुकदमा चलाने की भी बात कही।
महुआ मोइत्रा का कहना है कि ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली को देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें शायद कानून छूट मिली है। उनका कहना है कि 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को मिली कानूनी छूट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा तभी मिलती है जब आयोग एक मल्टी-मेंबर बॉडी (कई सदस्यों वाली संस्था) के तौर पर सामूहिक रूप से काम करता है।
CEC आधिकारिक कर्तव्य का कर रहे उल्लंघन
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा 'मैं आज पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन आई हूं और देश के मुख्य चुनाव आयुक्त 'चोर' ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्हें CEC और EC अधिनियम, 2023 की धारा 16 के तहत छूट मिली हुई है, जिसके अनुसार चुनाव आयुक्तों को अपने कर्तव्यों का पालन करते समय दीवानी और आपराधिक मुकदमों से छूट प्राप्त है। मैं यह बताना चाहती हूं कि अगर वे एक सामूहिक संस्था के तौर पर काम करते हैं, तभी उन्हें यह छूट मिल सकती है।"
बहुमत के बिना हो रहे फैसले
आगे महुआ मोइत्रा ने कहा '"करोड़ों नए वोटरों को लिस्ट में शामिल नहीं होने दिया जा रहा था क्योंकि नए वोटर लिस्ट वाले 'फॉर्म 6' में एक नया सवाल जोड़ा गया था। और अब हमें पता चला है कि बाकी दो चुनाव आयुक्तों ने कहा था कि यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है।
हमें पता चला है कि कैसे ERO, BLO और जमीनी स्तर के अधिकारियों को जानकारी नहीं दी गई और उन्हें सॉफ्टवेयर का एक्सेस नहीं दिया गया, और DGIT रहीं सीमा खन्ना ने ज्ञानेश कुमार के साथ मिलकर बैक-एंड से सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ की ताकि वोटर लिस्ट में हेरफेर की जा सके, जबकि ERO और ब्लॉक-स्तर के अधिकारियों को अंधेरे में रखा गया। यह बहुत गंभीर आरोप है।'
30 लाख से ज़्यादा वैध वोटरों को लिस्ट से बाहर किया
TMC सांसद ने आगे कहा, "उदाहरण के लिए, बंगाल में 33 लाख वैध वोटर लिस्ट में थे, लेकिन EC ने उनके खिलाफ अपील की। जब मिस्टर संधू ने पूछा, 'ये अपील किसने की हैं? EC ने तो ऐसा नहीं किया है,' तो ज्ञानेश कुमार और पश्चिम बंगाल के CEO के पास कोई जवाब नहीं था, फिर भी इन 33 लाख वोटरों को लिस्ट से बाहर रखा गया। जब तक हम इसे हल नहीं कर लेते, तब तक यह एक अपराध है।"
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 24 September 2026 at 17:52 IST