महाराष्ट्र में बुर्का पर विवाद; मंत्री नितेश राणे ने बैन करने को कहा तो अबू आजमी हुए आगबबूला, बोले- CM बंद कराएं ऐसी जुबान...
अबू आजमी ने नितेश राणे के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ये व्यक्ति हमेशा नफरत की आवाज करके अपने आप को सुर्खियों में रखना चाहता है।
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Maharashtra Burqa Controversy: महाराष्ट्र में बुर्का पहनने पर विवाद शुरू होने लगा है। पिछले दिन बीजेपी के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने पत्र के जरिए स्कूलों में बुर्का पर रोक लगाने की वकालत की थी। हालांकि नितेश राणे की मांग के बाद समाजवादी पार्टी के लीडर अबू आजमी भड़क गए हैं। उन्होंने धमकी भरे अंदाज में सरकार से कहा है कि बुर्के को उतारने का कानून बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समाजवादी पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख और मानखुर्द शिवाजी नगर से विधायक अबू आजमी ने नितेश राणे के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ये व्यक्ति हमेशा नफरत की आवाज करके अपने आप को सुर्खियों में रखना चाहता है। मैं मुख्यमंत्री जी से कहता हूं कि आप इनकी जुबान बंद करवाएं। सपा नेता ने मुख्यमंत्री से ये भी मांग है कि नफरत का जो काम हो रहा है वो बिल्कुल बंद होना चाहिए। कहीं भी बुर्का पर रोक नहीं होनी चाहिए।
बुर्का या हिजाब मुस्लिम धर्म का हिस्सा- अबू आजमी
अपने बयान में अबू आजमी ने कहा- 'देश में हर समाज के लोग अपने-अपने धर्म पर चलते हैं। इस्लाम में बुर्का लाजिम है। मेरा कहना है कि सिख भाइयों को पगड़ी है, क्रिश्चियन भाइयों को बदन पर बड़ा कपड़ा पहनना पड़ता है। इस तरह से लोग अपने-अपने धर्म पर चलते हैं। बुर्का या हिजाब मुस्लिम धर्म का हिस्सा है, बोर्ड की परीक्षा देने वाली मुस्लिम छात्रों के हिजाब पर पाबंदी लगाना नफरत की राजनीति और गैर संवैधानिक है। हर मुस्लिम लड़की बुर्का नहीं पहनती है। अगर 100 में एक भी लड़की बुर्का पहनती है तो उसको उतारने का कानून बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इजाजत दे रखी है।'
नितेश राणे ने अपने पत्र में क्या लिखा?
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने बुधवार को राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भूसे को पत्र लिखकर 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों पर बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया। मंत्री ने बताया कि उन्होंने बुर्का पहनकर परीक्षा देने वाली छात्राओं के साथ धोखाधड़ी और नकल की घटनाओं के कारण भुसे को पत्र लिखा है। हिंदू और मुस्लिम छात्रों के लिए नियमों में एकरूपता की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हिंदुत्व विचारधारा का पालन करने वाली महायुति सरकार तुष्टिकरण की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जो लोग हिजाब या बुर्का पहनना चाहते हैं, वो घर पर ऐसा कर सकते हैं, लेकिन परीक्षा केंद्रों पर नहीं।
Published By : Dalchand Kumar
पब्लिश्ड 30 January 2025 at 16:13 IST