'PM मोदी आज विश्व गुरु कहलाते अगर...', ओमान तट पर हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत पर अखिलेश यादव ने ऐसा क्यों कहा?
Akhilesh Yadav blames Centre: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जहाज पर हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युद्ध रोकने में सफलता मिलती तो यह स्थिति नहीं बनती।
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Akhilesh Yadav blames Centre: समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति की आलोचना की। उन्होंने यह आलोचना पलाऊ के झंडे वाले जहाज 'MT सेटेबेलो' पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद की है।
बता दें, इस जहाज को ओमान के तट के पास, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नजदीक निशाना बनाया गया था। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अगर भारत सरकार युद्ध रोकने में सफल हो जाती, तो प्रधानमंत्री को वैश्विक मंच पर सही मायने में "विश्व गुरु" का खिताब मिलता।
“अगर भारत सरकार युद्ध रोक देती तो…”: अखिलेश यादव
SP प्रमुख ने कहा, "यह भारत की विदेश नीति में एक चूक थी। अगर भारत मजबूती से खड़ा रहता और युद्ध को रोकने में सफल हो जाता, तो आज किसी की जान नहीं जाती... युद्ध को रोकना भारत की जिम्मेदारी थी। अगर भारत सरकार युद्ध रोक देती, तो भारत के प्रधानमंत्री को 'विश्व गुरु' के रूप में सराहा जाता।"
अमेरिकी 'चार्ज डी अफेयर्स' को MEA ने किया तलब
इस बीच, भारत ने शुक्रवार को अमेरिका के 'चार्ज डी अफेयर्स' (राजदूत की अनुपस्थिति में कार्यवाहक प्रमुख) जेसन मीक्स को तलब किया और ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को ले जा रहे कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी नौसेना बलों के लगातार हमलों पर "कड़ा विरोध" दर्ज कराया।
वहीं, विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, अमेरिकी 'चार्ज डी अफेयर्स' को दिन में मंत्रालय बुलाया गया था, जहां इन घटनाओं पर भारत की चिंताएं औपचारिक रूप से बताई गईं।
MEA ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
MEA ने विज्ञप्ति में कहा, “ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को ले जा रहे कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी नौसेना बलों के लगातार हमलों के संबंध में उनके सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। इन हमलों के कारण पहले ही तीन भारतीयों की दुखद और टाली जा सकने वाली मौत हो चुकी है।”
मंत्रालय ने नागरिक जहाजों के खिलाफ घातक बल के इस्तेमाल पर भारत की गहरी चिंता दोहराई और जोर दिया कि ऐसी कार्रवाई समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा पैदा करती है।
“जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाएं”: MEA
बयान में आगे कहा गया, “मंत्रालय ने नागरिक जहाजों के खिलाफ घातक और जानलेवा बल के इस्तेमाल पर एक बार फिर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। ऐसी कार्रवाई अस्वीकार्य है और मुश्किल समय में एक संवेदनशील क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करती है।”
भारत ने अमेरिका से नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आगे किसी भी जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का भी आग्रह किया। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा कि अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स से अनुरोध किया गया कि वे अमेरिकी अधिकारियों तक भारत की गंभीर चिंता को व्यक्त करें और यह सुनिश्चित करें कि इस इलाके में काम कर रही अमेरिकी सेनाएं आम नागरिकों की जान जाने से बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं।
Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 12 June 2026 at 21:15 IST