'It’s done bro, मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई,सारा खेल सत्ता की कुर्सी...', CM देवेंद्र फडणवीस ने Gen Z स्टाइल में किया प्रशांत भूषण पर पलटवार
CM देवेंद्र फडणवीस ने Gen Z स्टाइल में प्रशांत भूषण पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि 'आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई! सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है'।
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सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और जाने-माने एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने 'सत्ता परिवर्तन' (Regime change) वाली टिप्पणी कर BJP को बैठे बिठाए विपक्ष को घेरने का एक और मौका दे दिया। प्रशांत भूषण के बयान का हवाला देकर बीजेपी अब खुलकर कह रही है कि इंडिया गठबंधन के आंदोलन का मकसद CIR में गड़बड़ी या मुख्य चुनाव आयोग को हटाना नहीं है बल्कि 'सत्ता परिवर्तन' की चाहत है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशांत भूषण के बयान पर Gen Z स्टाइल में पलटवार किया है।
वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए विपक्षी दल चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है। इन प्रदर्शनों के बीच वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण का एक बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशांत भूषण ने कहा है कि यह संघर्ष सत्ता परिवर्तन के लिए है। अब उनके बयान सीएम फडणवीस ने करारा पलटवार किया है।
सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का-फडणवीस
CM देवेंद्र फडणवीस ने Gen Z स्टाइल में प्रशांत भूषण पर तंज कसा है। उन्होंने अपने X पोस्ट में लिखा है, It’s done bro, everything is exposed !! Afterall, it was all about ‘Regime Change’। आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई! सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है.. फिर उसके लिए विद्यार्थियों, किसानों को उकसाना ही क्यों ना पडे, जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पडे, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पडे। आंदोलन की आड में अराजकता फैलाना ही 'इनका' उद्देश है।
प्रशांत भूषण ने क्या कहा था?
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नेता अभिजीत दीपक की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत भूषण ने कहा था, यह संघर्ष सत्ता परिवर्तन के लिए है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “सरकार का आरोप है कि विपक्ष सत्ता परिवर्तन चाहता है। हम अभी इस बात के लिए लड़ रहे हैं कि चुनाव ठीक ढंग से हों। लेकिन अगर इसी तरह की बर्बरता जारी रही तो सत्ता परिवर्तन निश्चित रूप से होगा। हां, हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। इसमें क्या गलत है?”
प्रशांत भूषण ने आगे कहा कि सत्ता परिवर्तन हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। संविधान के अनुसार सरकार के प्रति असंतोष पैदा करना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब यह तानाशाही सरकार के खिलाफ सत्ता परिवर्तन की लड़ाई बन गई है, जो लोकतंत्र को कुचल रही है। उनके अनुसार, अधिकारी जितना विरोध-प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश करेंगे, उतने ही अधिक लोग सड़कों पर उतरेंगे। इस आंदोलन का नेतृत्व युवा करेंगे और इसमें नागरिक समाज समूह तथा राजनीतिक दल भी शामिल होंगे।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 16 October 2026 at 13:19 IST