मनुस्मृति पर बयान देकर बुरे फंसे राहुल गांधी, बीजेपी ने हिजाब वाला VIDEO पोस्ट कर पूछा सवाल- पितृसत्ता के खिलाफ आपकी लड़ाई...
बीजेपी ने राहुल गांधी के मनुस्मृति पर दिए बयान को लेकर पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस नेता का एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए उन्हें पाखंडी बताया है।
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BJP Counterback to Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के महिलाओं और मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। भाजपा ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए उनके हिजाब के समर्थन में दिए गए एक पुराने बयान की याद दिलाई है। इतना ही नहीं, उन्होंने कांग्रेस नेता पर पाखंडी सोच का भी आरोप लगाया है।
भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक पुराना वीडियो शेयर कर उन पर तीखा हमला बोला है। इस वीडियो में एक इवेंट के दौरान एक लड़की राहुल गांधी से सवाल करती हुई दिखाई दे रही है। वह हिजाब पहनने को महिलाओं की आजादी से जोड़ने के मुद्दे पर कांग्रेस नेता का नजरिया पूछ रही है।
भाजपा ने राहुल गांधी पर किया तीखा प्रहार
इसमें लड़की राहुल गांधी से सवाल पूछती है, 'अगर आप सत्ता में आएंगे, आप प्रधानमंत्री बनेंगे तो आपका क्या नजरिया होगा कि एक औरत अबाया और हिजाब पहनकर फ्री महसूस नहीं करती है?' इसके जवाब में राहुल गांधी कहते हैं, 'मेरा नजरिया यह है कि जो महिला पहनना चाहती है वो उसके ऊपर है। अगर वह अबाया या कुछ और पहनना चाहती है तो ये उसका काम है, उसे इसकी अनुमति मिलनी चाहिए। मेरी तो यही राय है।'
'उनकी सोच चरम स्तर का पाखंड'
इसी वीडियो को पोस्ट करते हुए भाजपा ने राहुल गांधी की सोच को चरम स्तर का पाखंड करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि जब राहुल गांधी मनुस्मृति और हिंदू महिलाओं के बारे में बात करते हैं, तो वे 'पितृसत्ता को खत्म करने' की वकालत करते हैं। लेकिन जब बात हिजाब और अबाया की आती है, तब उनके वही सिद्धांत अचानक बदलकर 'पसंद की स्वतंत्रता' में बदल जाते हैं।
राहुल गांधी की सोच चुनिंदा?- BJP
भाजपा ने सवाल दागते हुए एक्स पर लिखा, 'तो राहुल गांधी क्या पितृसत्ता के खिलाफ आपकी लड़ाई चुनिंदा और धर्म पर आधारित है? अगर महिला सशक्तिकरण ही लक्ष्य है, तो क्या हर महिला के लिए एक जैसा पैमाना नहीं होना चाहिए?'
कांग्रेस नेता के किस बयान पर बवाल?
राहुल गांधी ने शनिवार (22 अगस्त) को पुणे के AISSMS कॉलेज ग्राउंड में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकारों पर बात करते हुए मनुस्मृति का जिक्र किया और उस सोच को शर्मनाक बताया जो महिलाओं को सिर्फ पिता, पति या बच्चों की जागीर मानती है।
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा था कि उसमें लिखा है कि बचपन में महिला पिता के अधीन, युवावस्था में पति के अधीन और पति की मृत्यु के बाद बेटों के अधीन रहती है। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति के मुताबिक, महिलाएं कभी स्वतंत्र नहीं हो सकती। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत यह है कि महिलाएं स्वतंत्र हों, अपने लिए खड़ी हों और खुद पर विश्वास करें। आप अपने सिवाय किसी के अधीन नहीं हो सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा था कि जब वे पुरुषों से बात करते हैं तो अक्सर महिलाओं को बेटी, पत्नी या मां के रूप में ही देखा जाता है। इन भूमिकाओं में होना कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन ये किसी महिला की एकमात्र पहचान नहीं हो सकती। आज महिलाएं हर प्रोफेशनल, हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। वे प्रोफेशनल और खिलाड़ी के रूप में बेहतरीन काम कर रही हैं।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 25 August 2026 at 19:21 IST