ममता बनर्जी से विधायक भी गए और ऑफिस भी! ऋतब्रत गुट ने पार्टी ऑफिस पर किया कब्जा, TMC ऑफिस पर लगाया ताला

कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस में गहरा संकट पैदा हो गया है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले रिबेल गुट ने शुक्रवार को पार्टी के मुख्यालय पर 'कब्जा' कर लिया। गुट ने ऑफिस पर ताला लगाकर खुद को 'असली तृणमूल' बताया।

 
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ऋतब्रत गुट ने TMC पार्टी ऑफिस पर किया कब्जा | Image: X

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रहे विवाद ने नया रूप ले लिया है। जिसने ममता बनर्जी को अभी तक का सबसे बड़ा झटका दिया है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने शुक्रवार को पार्टी के मेट्रोपॉलिटन ईएम बाईपास स्थित मुख्य कार्यालय पर 'कब्जा' कर लिया। गुट के नेताओं ने ऑफिस में ताला लगाकर चाबी अपने पास ले ली और खुद को 'असली तृणमूल' बताया।

इससे पहले ऋतब्रत बनर्जी बगावत कर TMC के करीब 60 विधायकों को अपने साथ कर लिया था। इसके अलावा पार्टी के सांसद भी कई ममता बनर्जी का साथ छोड़ चुके हैं। पार्टी ऑफिस पर 'कब्जा' करने के दौरान ऋतब्रत के करीबी नेताओं ने पार्टी कार्यालय के दरवाजे पर नए पोस्टर लगाए और दावा किया कि वे 'असली तृणमूल' हैं।

दोपहर में ऋतब्रत बनर्जी, फिरहाद हकीम, संदीपन साहा, जावेद खान, अख्रुज्जमां समेत कई नेता अचानक TMC ऑफिस पहुंचे। वहां उन्होंने मीटिंग की और ताला लगाकर चले गए। मीटिंग के बाद ऑफिस के दरवाजे पर नया पोस्टर भी लगा दिया। जाते समय ऋतब्रत बनर्जी ने कहा,

“हम अपने पार्टी कार्यालय आए हैं। हमारी सलाहकार ममता बनर्जी हैं।”

गुट के नेता अख्रुज्जमां ने मीडिया को बताया, “यह पार्टी कार्यालय हमारा है। हम तृणमूल हैं। जोड़ा फूल हमारा चिह्न है। हम असली तृणमूल हैं। चाबी हमारे पास रहेगी, अरूप रॉय के पास रहेगी।”

गुट का दावा

ऋतब्रत गुट ने पहले ही ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाकर अरूप रॉय को नया अध्यक्ष बनाया था। इस गुट का कहना है कि वे पार्टी के असली उत्तराधिकारी हैं। गुरुवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के साथ हुई बैठक में उन्होंने संगठनात्मक बदलावों के सभी दस्तावेज सौंपे थे। गुट का दावा है कि पार्टी के ज्यादातर विधायक उनके साथ हैं।

ममता गुट की प्रतिक्रिया

ममता बनर्जी गुट के नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने इस कदम को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने मिलकर पार्टी बना ली है तो क्या उसे मान लिया जाएगा? घटना के बाद कोलकाता पुलिस और सेंट्रल फोर्स को अलर्ट पर रखा गया है।

चुनाव आयोग से बैठक

यह कदम चुनाव आयोग में हुई बैठक के बाद उठाया गया। गुरुवार को ऋतब्रत गुट के लोग दिल्ली में चुनाव आयोग गए थे। उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक बदलाव के सभी दस्तावेज सौंपे। 22 जून को विशेष बैठक में अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना गया था। अब सबकी नजर चुनाव आयोग के फैसले पर है कि पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न किस गुट को मिलेगा।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 3 July 2026 at 23:28 IST