अपडेटेड 18 July 2024 at 14:49 IST

सांसदों का अहंकार, विपक्ष का झूठ... BJP की UP में हार के कारण, भूपेंद्र चौधरी ने PM को सौंपी रिपोर्ट

शीर्ष नेताओं के साथ इस मुलाकात में भूपेंद्र चौधरी ने पार्टी के भीतर जारी हलचल और लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रदर्शन पर रिपोर्ट भी सौंपी।

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Bhupendra Chaudhary submitted report to PM | Image: PTI

अजय कुमार दुबे

उत्तर प्रदेश में जारी सियासी उठापटक के बीच यूपी बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। शीर्ष नेताओं के साथ इस मुलाकात में पार्टी के भीतर जारी हलचल और लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रदर्शन पर रिपोर्ट भी सौंपी।

करीब सवा घंटे चली इस मुलाकात में पीएम को यूपी के जमीनी हालत, हार की वजह और कार्यकर्ताओं की मनःस्थिति की जानकारी दी गई। मीटिंग में यूपी सरकार के विभागों का विशेष तौर पर जिक्र किया गया। पीएम को बताया गया कि सरकार की कार्यप्रणाली से संगठन और कार्यकर्ताओं दोनों को नुकसान पहुंच रहा है।

पीएम को चुनाव के दौरान मतदाता सूची से नाम काटने और जातीय गोलबंदी करने जैसी साजिशों की भी जानकारी दी गई। यह भी कहा गया कि कड़े फसलों की सख्त जरूरत है। यह भी कहा गया कि 2027 के लिए कार्यकर्ताओं में नया उत्साह फूंकने और इसकी खातिर सरकार की कार्यप्रणाली में आमूल चूल बदलाव की जरूरत है। पुलिस की निरंकुश और बेलगाम कार्यवाहियों की जानकारी भी दी गई। यूपी में आने वाले 10 उपचुनावो के मद्देनजर संगठन की रणनीति और उससे जुड़ी कोशिशों की भी जानकारी दी गई।

400 पार के नारे का उल्टा असर हुआ-रिपोर्ट

लोकसभा चुनावों के विपक्ष के फैलाए गए संविधान पर भ्रम और उसके असर की भी जानकारी दी गई। भाजपा की ओर से 400 पार के नारे का उल्टा असर हुआ। विपक्ष दलित और पिछड़ों को यह समझाने में कामयाब रहा कि अगर भाजपा की सीटें 400 पार आ गई तो ये लोग संविधान बदल देंगे और आरक्षण खत्म कर देंगे।

सांसदों का अहंकर बना हार की वजह-रिपोर्ट

पीएम को बताया गया कि कार्यकर्ताओं की उदासीनता के वजह से हार हुई। जिले में अधिकारी कार्यकर्ता और स्थानीय नेताओं की नहीं सुनते हैं। क्षेत्रीय प्रभारी और अध्यक्षों ने जनता में नाराजगी के बावजूद मौजूदा सांसदों को ही टिकट देने और उनके अहंकार को हार का जिम्मेदार बताया। इसके अलावा जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, थाना-तहसील पर अधिकारियों की अनदेखी, जनता का काम न करा पाना और संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने जैसे भ्रामक मुद्दे भी पीएम के सामने रखे गए।  

दोबारा टिकट पाकर पीएम मोदी के भरोसे बैठे रहे प्रत्याशी-रिपोर्ट

स्थानीय, जिला और क्षेत्रीय संगठन के फीडबैक के बाद भी तमाम सांसदों को टिकट दे दिया गया, जबकि उनके खिलाफ जनता में आक्रोश था। दोबारा टिकट पाकर तमाम प्रत्याशी प्रधानमंत्री मोदी के भरोसे बैठे रहे। वहीं प्रत्याशियों ने अपने अहम के कारण कार्यकर्ताओं को पूछा तक नहीं। इसलिए नाराज होकर कार्यकर्ता भी घर बैठ गया। प्रदेश संगठन और क्षेत्रीय, मंडल, जिला, तहसील और ब्लॉक स्तरीय संगठन के बीच आपसी तालमेल का आभाव और प्रदेश के बड़े नेताओं की ओर से छोटे पदाधिकारियों की उपेक्षा भी चुनाव में हार की वजह बना।

विधायकों और प्रत्याशियों के बीच अंदरूनी घमासान भी बनी हार की वजह-रिपोर्ट

रिपोर्ट में बताया गया है कि तमाम सीटों पर विधायकों और प्रत्याशियों के बीच अंदरूनी घमासान भी हार की वजह बना। तमाम विधायक खुद चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उनको टिकट नहीं मिला तो वह भी विपक्ष के साथ पार्टी प्रत्याशी को ही चुनाव हराने में जुट गए। रिपोर्ट में बाहरी लोगों की भाजपा में बड़े पैमाने पर शामिल कराने को लेकर मामला बिगड़ने की बात रखी गई। 

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Published By : Deepak Gupta

पब्लिश्ड 18 July 2024 at 14:49 IST