संसद के मानसून सत्र का एजेंडा जारी, 7 बिल सूची में शामिल, महिला आरक्षण और परिसीमन बिल गायब

केंद्र सरकार ने आगामी संसद सत्र का एजेंडा जारी कर दिया है। इसमें सात विधेयक शामिल हैं, महिलाओं का आरक्षण और परिसीमन विधेयक इस सूची में शामिल नहीं हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर और विधेयक पेश किए जा सकते हैं।

 
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संसद के मानसून सत्र का एजेंडा जारी | Image: X

केंद्र सरकार ने आगामी संसद सत्र के लिए विधायी एजेंडा जारी कर दिया है। इसमें कुल सात प्रमुख विधेयक शामिल किए गए हैं, जिन्हें विचार-विमर्श, पारित करने या नए सिरे से पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

हालांकि, महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन से जुड़े महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक इस एजेंडे में शामिल नहीं हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सूची अंतिम नहीं है। सत्र के दौरान जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त विधेयक या कामकाज पेश करने की पूरी छूट रहेगी।

विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन बिल, 2026: इस बिल का मकसद एनजीओ पर विदेशी फंडिंग की निगरानी को और सख्त करना है। अगर किसी संगठन का FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाए, सरेंडर कर दिया जाए या नवीनीकरण न हो, तो उसका विदेशी योगदान और संपत्ति सरकार द्वारा तय किए गए अधिकारी के पास चली जाएगी।

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, 2025: यह बिल उच्च शिक्षा के नियमों को बदलने वाला है। इसमें UGC, AICTE और NCTE जैसी संस्थाओं की जगह एक नई एकल नियामक संस्था बनाने का प्रस्ताव है। यह बिल पहले ही संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा जा चुका है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद इसे पास करने की कोशिश की जाएगी।

आयकर (संशोधन) बिल, 2026: यह बिल एक मौजूदा अध्यादेश की जगह लाएगा। इसका उद्देश्य देश के सरकारी कर्ज बाजार को मजबूत करना और विदेशी निवेशकों को लंबे समय के लिए आकर्षित करना है।

सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन बिल, 2026: सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है, ताकि केसों का बोझ कम हो सके।

जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026: जन्म और मृत्यु के पंजीकरण में देरी पर सख्त नियम और जुर्माने लगाने का प्रावधान है। इससे सरकारी रिकॉर्ड बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निवारण (संशोधन) बिल, 2026: राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े नियमों को और सख्त बनाने वाला बिल है।

एमएसएमई विकास (संशोधन) बिल, 2026: छोटे-मध्यम उद्योगों (MSME) को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था मजबूत की जाएगी। राज्य सरकारों को MSME सुविधा परिषद बनाने में ज्यादा आजादी दी जाएगी, जिससे व्यापार करना आसान हो।

संसद में वित्तीय कामकाज के तहत 2022-23 के अतिरिक्त अनुदानों की मांग भी पेश की जाएगी। 130वें संविधान संशोधन बिल (जिसमें प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को हटाने का प्रावधान है) को इस अनुमानित एजेंडा में शामिल नहीं किया गया है। लेकिन इस बिल पर संयुक्त संसदीय समिति शुक्रवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे सत्र के दौरान संसद में पेश किया जाएगा। महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल अभी एजेंडा में नहीं हैं। सरकार ने इनके बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 16 July 2026 at 21:06 IST