बंगाल में बीजेपी की जीत पर अरविंद केजरीवाल ने उठाए सवाल, कहा- मोदी जी की लोकप्रियता जब पूरे देश में पाताल में जा रही फिर...
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बंगाल में बीजेपी की जीत पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा बयान दिया है।
Arvind Kejriwal Attacked BJP: आप आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत को पचा नहीं पा हैं। उन्होंने एक बार फिर अपनी वही 'टीस' जाहिर की है और बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार को लेकर मोदी सरकार पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। केजरीवाल ने अपनी हार का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जब 'मोदी लहर' चरम पर थी, तब वह बंगाल में जीत दर्ज नहीं कर पाए, तो अब कैसे मुमकिन है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पाताल में जा रही है।
दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में पश्चिम बंगाल में जमकर प्रचार-प्रसार किया था। उन्होंने ममता बनर्जी की पार्टी को जिताने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। लेकिन नतीजों में ममता बनर्जी की पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। 15 सालों में टीएमसी की ऐसी हार ने अरविंद केजरीवाल को परेशान कर दिया है।
BJP की जीत पर केजरीवाल का बड़ा बयान
इस बीच अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कि 2015 में बीजेपी दिल्ली और बंगाल में सिर्फ 3 सीटें ही जीत पाई थी। लेकिन अब दोनों ही राज्यों में सरकार बना ली है। भाजपा पर गड़बड़ी करके चुनाव जीतने का आरोप लगा चुके केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह कैसे हो गया?
केजरीवाल ने फिर लगाए 'गड़बड़ी' के आरोप
अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर ट्वीट कर लिखा, 'जिस दिल्ली और बंगाल को भाजपा 'मोदी वेव' की चरम सीमा पर नहीं जीत पाई। 2015 में दिल्ली में और 2016 में बंगाल में इनकी 3-3 सीट आई। उस दिल्ली और बंगाल को भाजपा ने तब जीत लिया जब मोदी जी की लोकप्रियता पूरे देश में पाताल में जा रही। कैसे?'
दिल्ली में विधानसभा चुनाव हार गई थी AAP
बता दें कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को भी इसी तरह की करारी हार का मुंह देखना पड़ा था। तीन बार के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल खुद अपनी ही सीट से हार गए थे, जिस तरह से ममता बनर्जी ने अपनी सीट गंवाई है।
संजय सिंह ने लगाए ये गंभीर आरोप
वहीं संजय सिंह ने कहा, 'अमेरिका ईरान से लड़ने के लिए जहां महज 50 हजार सैनिकों का इस्तेमाल करता है। वहीं देश की मोदी सरकार ममता बनर्जी से लड़ने के लिए 2.6 लाख सैनिकों का इस्तेमाल करती है। इतनी बड़ी दुश्मनी निभाई जा रही है। इस चुनाव में फिर यह प्रश्न उठना लाजमी है कि चुनाव हुआ या तमाशा?'
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Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 5 May 2026 at 13:33 IST