'ये विराम नहीं, अल्पविराम की इच्छा...', नीले ड्रम वाली मुस्कान की बेटियों का खर्च उठाएंगी अनामिका अंबर, बोलीं- बच्चियों के बड़ी होने तक ना दें फांसी

अनामिका अंबर ने कहा, सबसे पहले मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूँ कि किसी अपराध के प्रति मेरे मन में न कोई संवेदना है, न अपराध को क्षमा किए जाने की कोई मांग। अ

 
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'ये विराम नहीं, अल्पविराम की इच्छा...', नीले ड्रम वाली मुस्कान की बेटियों का खर्च उठाएंगी अनामिका अंबर, बोलीं- बच्चियों के बड़ी होने तक ना दें फांसी | Image: Instagram/AI

मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को अदालत से मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद अब उनकी दोनों बच्चियों के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच मेरठ के मशहूर कवि दंपती सौरभ सुमन और अनामिका अंबर ने जेल में मुस्कान से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने बच्चियों की पढ़ाई का खर्च आजीवन उठाने की घोषणा की।

साथ ही अदालत से अपील की कि बच्चियों के भविष्य को देखते हुए उनकी मां को तब तक फांसी न दी जाए, जब तक वे खुद अपना जीवन संभालने लायक न हो जाएं। अनामिका अंबर ने साफ कहा कि मुस्कान ने जो अपराध किया है, उसकी माफी नहीं होनी चाहिए। लेकिन इस मामले में दो बच्चियां ऐसी भी हैं, जिनका इस अपराध में कोई दोष नहीं है। उनके मुताबिक, अदालत को सजा पर विचार करते समय उन बच्चियों के भविष्य को भी ध्यान में रखना चाहिए।

अनामिका अंबर ने क्या कहा

अनामिका अंबर ने कहा, सबसे पहले मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूँ कि किसी अपराध के प्रति मेरे मन में न कोई संवेदना है, न अपराध को क्षमा किए जाने की कोई मांग। अपराध अनुसार दंड होना ही चाहिए और समाज में यह स्पष्ट संदेश भी जाना चाहिए कि ऐसे जघन्य अपराध क्षम्य नहीं हैं। न्यायालय के निर्णय पर मेरा पूर्ण विश्वास और सम्मान है।

उन्‍होंने आगे कहा, पूज्य जैनाचार्य श्री सौरभसागर जी महाराज की 56वीं जन्मजयंती के अवसर पर फल वितरण के लिए जेल में महिला बैरक में मुस्कान से मुलाकात हुई। वहीं उसकी नन्हीं बच्चियों के भविष्य को देखते हुए हमने संकल्प लिया कि वे जब तक आत्मनिर्भर नहीं हो जातीं, उनकी शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी हम उठायेंगे। मुस्कान ने जो अपराध किया है फांसी होनी ही चाहिए। मेरा आग्रह केवल इतना है कि उन मासूम बच्चियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, उनके थोड़ा सक्षम और आत्मनिर्भर होने तक मृत्युदंड के क्रियान्वयन को स्थगित किया जाए। ये विराम नहीं अल्पविराम की इच्छा है। अपराध का दंड अपनी जगह है और निर्दोष बचपन का भविष्य अपनी जगह। न्याय के साथ करुणा भी रहे बस ।

October 23, 2026

मुस्कान के चेहरे पर साफ दिखा मौत का खौफ

कवि दंपती ने बताया कि जेल में मुलाकात के दौरान मुस्कान का चेहरा डरा और सहमा हुआ दिखाई दिया। उसकी आंखों में आंसू और मौत की सजा को लेकर भय नजर आ रहा था। अनामिका अंबर ने कहा कि मुस्कान अपनी बच्चियों के भविष्य को लेकर भी चिंतित दिखाई दी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुस्कान के मन में वास्तव में क्या चल रहा था, इसके बारे में वह निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकतीं।

सौरभ सुमन ने भी कहा कि मुस्कान की आंखों में आंसू और मौत को लेकर डर साफ दिखाई दे रहा था। उनके मुताबिक, अदालत के फैसले का असर केवल मुस्कान की जिंदगी पर ही नहीं, बल्कि उसकी दोनों बच्चियों के भविष्य पर भी पड़ेगा।

14 अक्टूबर को सुनाई गई थी मुस्कान-साहिल को फांसी की सजा

यूपी के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत ने 14 अक्टूबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई थी। यह मामला नीले ड्रम में सौरभ का शव मिलने के बाद देशभर में सुर्खियों में आया था। सौरभ राजपूत की हत्या करने और उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े करके नीले ड्रम में रखने के मामले में मुस्कान और साहिल को मौत की सजा सुनाई गई। सौरभ की मां रेनू देवी ने कोर्ट के इस फैसले पर खुशी जताई थी। सौरभ के भाई राहुल ने भी कोर्ट के फैसले संतोष जताया था।

क्या है नीला ड्रम कांड

मेरठ में पिछले साल मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर घर के अंदर ही पति साहिल की चाकू से मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट का घोल भर दिया था। ड्रम को घर में ही छोड़कर साहिल के साथ अय्याशी करने हिमाचल चली गई थी। दोनों के वापस लौटने पर हत्याकांड का खुलासा हुआ। पिछले ही दिनों अदालत ने हत्या को जघन्य बताते हुए दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी। खौफनाक हत्याकांड के बाद मुस्कान के परिवार ने भी उससे दूरी बना ली है। जेल में कभी कोई उससे मिलने नहीं आया।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 23 October 2026 at 19:00 IST