Sukhbir Singh Badal: कैसी है सुखबीर बादल की तबीयत? हमले के बाद PM मोदी ने पत्नी हरसिमरत कौर को किया फोन, पूर्व डिप्टी CM का लिया हेल्थ अपडेट
महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित एक गुरुद्वारे में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। दर्शन के दौरान हुए इस हमले में बादल के हाथ में चोट आई है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
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महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित एक गुरुद्वारे में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर अचानक हमला हो गया। गुरुद्वारे में दर्शन के दौरान हुए इस हमले में बादल के हाथ में चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, प्राथमिक उपचार के बाद अब उनकी हालत पूरी तरह स्थिर और खतरे से बाहर है।
प्रधानमंत्री मोदी और सीएम फडणवीस ने जाना हाल-चाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुखबीर सिंह बादल की पत्नी और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बातचीत की। पीएम ने सुखबीर बादल के स्वास्थ्य का हाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना के तुरंत बाद सुखबीर बादल से बात कर उनका हाल-चाल लिया। फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से मामले का पूरा विवरण मांगा और घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।
आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सूत्रों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। नांदेड़ पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि हमले के पीछे के असल मकसद और किसी संभावित बड़े षड्यंत्र का खुलासा किया जा सके। हमले के दौरान सुखबीर सिंह बादल के अंगरक्षक को भी मामूली चोटें आने की खबर है।
'पंजाब की एकता और अखंडता पर हमला' – अकाली दल
शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव तलवार ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव तलवार ने कहा कि 'सुखबीर सिंह बादल हमेशा से हिंदू-सिख भाईचारे और पंजाबियत के ध्वजवाहक रहे हैं। यह सिर्फ एक पूर्व डिप्टी सीएम या अकाली दल प्रमुख पर हमला नहीं है, बल्कि पंजाब की एकता, शांति और अखंडता पर सीधा प्रहार है।'तलवार ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस नेता को Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त हो, उस पर इस तरह का हमला होना स्पष्ट रूप से एक बड़ी सुरक्षा चूक को दर्शाता है।
दोहराई गई इतिहास की काली छाया
यह पहली बार नहीं है जब सुखबीर सिंह बादल को इस तरह निशाना बनाया गया हो। इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर के प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर में धार्मिक सेवा तनखैया दंड निभाते समय भी उन पर जानलेवा हमला हुआ था। उस समय पूर्व आतंकी नारायण सिंह चौरा ने उन पर गोली चलाने का प्रयास किया था, जिसे मुस्तैद लोगों ने समय रहते नाकाम कर दिया था। उस समय भी अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया समेत कई नेताओं ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ढिलाई पर कड़े सवाल उठाए थे।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 13 August 2026 at 19:15 IST