अपडेटेड 24 March 2026 at 14:29 IST

मिडिल ईस्ट में 1 करोड़ भारतीय रहते हैं, उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता, 3.75 लाख नागरिक लौट चुके हैं; कुछ की मौत भी हुई- PM मोदी

PM Modi in Rajya Sabha on Middle East Crisis: राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा कि इस युद्ध में किसी के भी जीवन पर संकट मानवता के हित में नहीं है। इसलिए भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है।

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PM Modi in Rajya Sabha | Image: X

PM Modi in Rajya Sabha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट संकट पर आज (24 मार्च) को राज्यसभा को संबोधित कर रहे हैं।वे इस संघर्ष को लेकर देश के सामने सरकार का पक्ष रख रहे हैं। राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा कि इस युद्ध ने पूरे विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। इससे पेट्रोल-डीजल, गैस और फर्टिलाइजर जैसे जरूरी सामान की रूटीन सप्लाई प्रभावित हो रही है।

‘ऐसी विकट परिस्थिति में आवश्यक है…’

पीएम मोदी ने कहा कि गल्फ देशों में करीब एक करोड़ से ज्यादा भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं। उनके जीवन और आजीविका की सुरक्षा भी भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता है। होर्मुज स्ट्रेट में दुनिया के अनेक जहाज फंसे हैं। उनमें बहुत बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर हैं, ये भी भारत के लिए बड़ी चिंता का विष्य है। ऐसी विकट परिस्थिति में आवश्यक है कि भारत की संसद के उच्च सदन से शांति और संवाद की एकजुट आवाज पूरे विश्व में जाए।  

हमारी लक्ष्य शांति बहाली का है- PM मोदी

उन्होंने बताया कि युद्ध की शुरुआत के बाद से मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है। हम गल्फ के सभी देशों के साथ संपर्क में हैं। हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं। हमारा लक्ष्य डायलॉग और डिप्लोमेसी के माध्यम से क्षेत्र में शांति की बहाली का है।

'किसी के भी जीवन पर संकट मानवता के हित में नहीं' 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने डी एस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी उनसे बात की है। कमर्शियल जहाजों पर हमला, होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है। भारत ने नागरिकों पर, सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है। भारत डिप्लोमेसी के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी भारतीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए प्रयास कर रहा है।  भारत ने इस समस्या के समाधान के लिए संवाद का ही रास्ता सुझाया है। इस युद्ध में किसी के भी जीवन पर संकट मानवता के हित में नहीं है। इसलिए भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है।

भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमकिता- PM

उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमकिता है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। ईरान से ही अभी तक एक हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौटे हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं। हमारी सरकार संकट के इस समय में पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है। सभी देशों में वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया है। हालांकि ये बहुत दुखद है कि हमलों के कारण कुछ भारतीयों की मृत्यु हुई है और कुछ घायल भी हुए हैं। ऐसे मुश्किल हालातों में परिवारजनों को आवश्यक मदद दी जा रही है। जो घायल हैं, उनका बेहतर इलाज सुनिश्चित कराया जा रहा है। 

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 24 March 2026 at 14:21 IST