मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं, लेकिन कुछ तो... PM मोदी ने IIT दिल्ली के स्टूडेंट्स से ऐसा क्यों कहा, ठहाकों से गूंज उठा ऑडिटोरियम- VIDEO
पीएम मोदी ने आईआईटी दिल्ली के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आपके मन के किसी कोने में कुछ और भी चल रहा होगा। मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा।
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PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 8 अगस्त को IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बाबा बागेश्वर का जिक्र कर कुछ ऐसा कहा कि सभी छात्र ठिठियाने लगे।
पीएम मोदी ने आईआईटी दिल्ली के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज आप सभी छात्र इस कार्यक्रम में उपस्थित है, लेकिन शायद आपके मन के किसी कोने में कुछ और भी चल रहा होगा। मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं, लेकिन निश्चित रूप से हर छात्र के मन में कुछ न कुछ विचार चल रहे हैं।
PM ने छात्रों को याद दिलाया वो दिन
उन्होंने आगे कहा, 'आप में से हर किसी के मन में भविष्य को लेकर कोई न कोई विजन जरूर होगा। कई छात्र अपनी पहली सैलरी का इंतजार कर रहे होंगे, कोई नए शहर में नई शुरुआत की तैयारी में होगा। कई साथी अपने पहले स्टार्टअप का सपना देख रहे होंगे, किसी ने अगले कंपीटिटिव एग्जाम का लक्ष्य बनाया होगा। हर किसी का रास्ता अलग है, हर किसी का सपना अलग है, लेकिन इन सबक बाद भी एक एहसास ऐसा है जो आप सभी के मन में एक सा होगा। वह दिन याद करिए जब आपका आईआईटी दिल्ली में पहला दिन था और एक आज का दिन है। आप सोच रहे होंगे अभी कल की ही तो बात है, जब ओरियंनटेशन हुआ था और अब यह कन्वोकेशन का समय भी आ गया।'
इस पल को पूरी तरह जी लीजिए- PM
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा कि ओरियंनटेशन से कन्वोकेशन की इस यात्रा की आपको भरपूर संतुष्टि भी होगी। साथ ही आप सभी में जीवन के एक नए चैप्टर की शुरुआत का उत्साह भी होगा। इसलिए मैं तो यही कहूंगा आज के इस पल को पूरी तरह जी लीजिए। आने वाले समय में जब आप पर बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां होगी, तब यहां की पुरानी यादें आपको पुराने दिनों में जरूर ले जाएगी।
जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस- PM
उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि कैंपस का जीवन और कैंपस के बाहर का जीवन इन दोनों में बहुत बड़ा अंतर होता है। IIT की परीक्षा में सिलेबस होता है लेकिन जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है। कैंपस लाइफ में सारे फंडे क्लियर होते थे जैसे क्या पढ़ना है, कौन सा असाइनमेंट पूरा करना है, कौन सी परीक्षा देनी है यह सब कुछ पहले से तय होता था। लेकिन जिंदगी कुछ अलग तरह से चलती है। वहां न कोई तय कोर्स होता है न कोई प्रश्न पत्र होता है। कई बार तो ये भी कोई नहीं बताता कि असली सवाल क्या था। वो सवाल भी आपको खुद पहचानना पड़ता है।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 8 August 2026 at 13:32 IST