तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल में क्या है? जिसे PM मोदी ने पुतिन को किया भेंट और कहा- इसके रूसी अनुवाद से दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत...

BRICS 2026: 18वें BRICS समिट की फॉर्मल शुरुआत से एक दिन पहले रूसी राष्ट्रपति और भारत के प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात हुई, जहां पीएम मोदी ने पुतिन को तमिल संत तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध पुस्तक तिरुक्कुरल भेंट की।

 
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पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को महान तमिल पुस्तक तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद गिफ्ट किया | Image: ANI

BRICS 2026 Thirukkural: नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन 2026 की औपचारिक शुरुआत से एक दिन पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच भारत मंडपम में औपचारिक मुलाकात हुई है। इस बीच पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को महान तमिल पुस्तक तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद गिफ्ट किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन को ये पुस्तक भेंट करते हुए इसके बारे में जानकारी दीं और कहा कि हमारे सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने में इस पुस्तक की भूमिका रहेगी। पीएम मोदी ने एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा 'राष्ट्रपति पुतिन को 'तिरुक्कुरल' का रूसी अनुवाद भेंट किया, जिसमें महान तिरुवल्लुवर की शाश्वत बुद्धिमत्ता समाहित है जो भाषाओं और सीमाओं से परे है।

पीएम मोदी ने पुतिन को भेंट की तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’

प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल पवित्र ग्रंथ भेंट करते हुए कहा कि इसमें "मानव जीवन के सभी पहलुओं" का समावेश है। “दो हजार वर्ष पूर्व तिरुवल्लुवर ने तिरुक्कुरल की रचना की थी । इसमें मानव जीवन के सभी पहलुओं का वर्णन है। इसका रूसी भाषा में अनुवाद हो चुका है। मुझे विश्वास है कि तिरुक्कुरल के रूसी अनुवाद से लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा , जो हमारे संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।'

September 11, 2026

तमिल साहित्य की सबसे महान रचनाओं में से एक

तिरुक्कुरल (Thirukkural) तमिल साहित्य की सबसे महान और विश्व प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है। इसे 'तमिल वेद' भी कहा जाता है। थिरुक्कुरल एक शास्त्रीय तमिल ग्रंथ है जिसकी रचना बुनकर-संत थिरुवल्लुवर ने की थी। इसमें 1,330 दोहे (कुरल) हैं , जिनमें से प्रत्येक केवल दो पंक्तियों का है। कुरल धार्मिक जीवन जीने का एक मार्गदर्शक है जो किसी विशिष्ट देवता, जाति या पंथ का आह्वान नहीं करता। इसके बजाय, यह सार्वभौमिक मूल्यों पर आधारित है: अरम (सद्गुण), पोरुल (धन और शासन कौशल) और इन्बम (प्रेम)।

तमिल वासियों द्वारा तिरुक्कुरल को एक पवित्र ग्रंथ के रूप में पूजा जाता है और इसे अक्सर "तमिल वेद" कहा जाता है। विश्वभर के विद्वान इसे सूक्ति साहित्य की उत्कृष्ट कृति मानते हैं। रूसी भाषा के अलावा, इसका अन्य कई भाषाओं में भी अनुवाद किया जा चुका है। बताया जाता है कि इस किताब को 2000 साल पहले लिखा गया है।

September 11, 2026

PM मोदी-पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच भारत मंडपम में औपचारिक मुलाकात हुई है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बातचीत के संभावित पॉइंट्स में एक बड़ा बाइलेटरल ट्रेड टारगेट हासिल करना भी शामिल रहा। दोनों देशों के बीच 2030 तक USD 100 बिलियन के बाइलेटरल ट्रेड का टारगेट रखा है।

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Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 11 September 2026 at 17:56 IST