उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के नेताओं को PM मोदी का खास तोहफा, भारतीय संस्कृति की दिखी झलक,PHOTOS

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो देशों की आधिकारिक यात्रा के बाद वापसी दिल्ली के लिए निकल चुके हैं। पीएम मोदी ने अपने दौरे में उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के नेताओं को उपहार दिया, जिसमें भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत की झलक हैं।

 
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उज्बेकिस्तान-किर्गिस्तान के नेताओं को PM मोदी का खास तोहफा, दिखी संस्कृति की झलक | Image: ANI

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो देशों की आधिकारिक यात्रा और SCO समिट में शामिल होने के बाद दिल्ली के लिए वापसी उड़ान भर ली है। पीएम मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के दौरे पर थे, जहां उन्होंने अपने समकक्षों को भारतीय संस्कृति से जुड़ी बेहतरीन और नायाब चीजों को उपहार में दिया। 

पीएम मोदी ने जहां उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अरिपोव को संगमरमर जड़ाई वाली सजावटी थाली भेंट की वहीं, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की बेटी को उत्तम चांदी का ब्रोच उपहार में दिया। पीएम मोदी ने किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री आदिलबेक कासिमलियेव को डोकरा कलाकृति: 'पारंपरिक संगीतकारों का जोड़ा' उपहार में दिया।

PM मोदी ने उज्बेकिस्तानी समकक्षों को उपहार में क्या दिया?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने उज्बेकिस्तान दौरे में राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव को चंदन की शत तांत्री वीणा, प्रीमियम कांगड़ा चाय के दो डिब्बे और श्री जावोखिर सिंदारोव की मूल हस्तलिखित स्कोरशीट जैसे उपहार दिए। प्रधानमंत्री द्वारा उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अरिपोव को संगमरमर जड़ाई वाली सजावटी थाली उपहार में दी गई।

वहीं, पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की पत्नी को बनारसी रेशमी शॉल के साथ संगमरमर जड़ा ताबूत ऊपर में दिया। इसके अलावा, पीएम में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की बेटी को उत्तम चांदी का ब्रोच दिया। ये सभी चीजें भारतीय संस्कृति की विरासत मानी जाती हैं।

September 1, 2026
September 1, 2026

PM मोदी ने किर्गिस्तानी समकक्षों को उपहार में क्या दिया?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने किर्गिस्तान दौरे के दौरान किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री आदिलबेक कासिमलियेव को डोकरा कलाकृति: 'पारंपरिक संगीतकारों का जोड़ा' उपहार में दिया। वहीं, पीएम मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव को लद्दाखी त्सुग-दुल कंबल: लद्दाखी त्सुग-दुल कंबल लद्दाख का एक पारंपरिक ऊनी वस्त्र है और बिबेक देबरॉय का महाभारत, बिबेक देबरॉय के 10 खंडों के अंग्रेजी अनुवाद में संपूर्ण, बिना किसी काट-छांट के महाभारत प्रस्तुत किया गया है, जिसमें इसकी मुख्य कथा, दार्शनिक चिंतन, वंशावली, संवाद आदि शामिल हैं।

September 1, 2026
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Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 1 September 2026 at 23:10 IST