PM मोदी ने कहा 'छोटी बहन', सना तकाइची ने क्या दिया जवाब? भारत-जापान के बीच बड़े समझौते
PM Modi- Sanae Takaichi Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सना तकाइची को अपनी छोटी बहन कहा और उन्हें दूरदर्शी व लोकप्रिय नेता बताया। उन्होंने कहा कि उनकी भारत यात्रा से दोनों देशों की स्पेशल स्ट्रेटजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप के नए अध्याय की शुरुआत हो रही है।
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Japan PM Sanae Takaichi in India: जापान की प्रधानमंत्री सना तकाइची अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंची हैं। 1 से 3 जुलाई तक चलने वाले इस दौरे में उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन में उनका जोरदार स्वागत हुआ और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। हैदराबाद हाउस में जापानी पीएम संग पीएम मोदी ने बैठक की, जिसमें चार अहम समझौते किए गए। उनकी यात्रा दोनों देशों के बीच 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है।
PM मोदी ने जापानी पीएम को कहा छोटी बहन
प्रेस बयान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सना तकाइची को अपनी छोटी बहन कहकर संबोधित किया और उन्हें दूरदर्शी व लोकप्रिय नेता बताया। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत और जापान, दोनों ही दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। एक आजाद, समृद्ध और नियमों पर आधारित इंडो-पैसिफिक हमारी साझा प्राथमिकता है।
कई समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
उन्होंने टेक्नोलॉजी को सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बताया और AI में संयुक्त बयान जारी करने की जानकारी दी। पीएम ने कहा कि भारतीय AI संस्थानों ने जापानी भागीदारों के साथ समझौते किए। रक्षा क्षेत्र में पहला सह-विकास प्रोजेक्ट नेवल रेडियो एंटीना 'यूनिकॉर्न' पर समझौता हुआ। फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस और बायोटेक्नोलॉजी में भी समझौते हुए।
निवेश पर उन्होंने कहा कि पिछले साल 120 नए बिजनेस समझौतों से 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा जापानी निवेश आया है। लक्ष्य जापान से 10 ट्रिलियन येन का निवेश आकर्षित करना और भारत में जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करना है। आर्थिक सुरक्षा के लिए संयुक्त रोडमैप तैयार किया गया, जिसमें सेमीकंडक्टर, क्वांटम और एडवांस्ड मटेरियल शामिल हैं। भारत-जापान बायोगैस पहल के तहत 1000 बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे। इसके अलावा बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी में सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों नेताओं ने भारत-जापान नेक्स्ट-जेनरेशन मोबिलिटी पार्टनरशिप भी स्थापित की।
सना तकाइची का बयान
जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, आपने मुझे एक प्यारी छोटी बहन कहा, लेकिन हमने यह पक्का किया कि हम एक ही सोच रखते हैं और इस रिश्ते को भाई-बहन के तौर पर आगे बढ़ाएंगे। जापान और भारत को मिलकर मजबूत और समृद्ध बनने के लिए अपनी-अपनी ताकतों का इस्तेमाल करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय हालात में उथल-पुथल के बीच, एक-दूसरे के पूरक और सहयोग वाले ऐसे रिश्ते बनाना और भी जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि हमने अपने सहयोग के केंद्र में इन तीन बातों को रखने पर सहमति जताई। पहला, जापान और भारत के बीच रणनीतिक सहयोग को और गहरा करना। हमारे दोनों देश मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात में किस तरह की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था होनी चाहिए, इस पर एक जैसी सोच रखते हैं। मैंने हाल ही में अपडेटेड FOIP (फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक) की घोषणा की है, जो FOIP को साकार करने के लिए आत्मनिर्भरता और मजबूती पर जोर देता है।
सना तकाइची ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी समुद्र को एक ऐसी साझा जगह मानते हैं जो क्षेत्रीय स्थिरता और विकास में मदद करती है। वे हिंद महासागर के देशों के लिए 'महासागर' (ग्रेट ओशन इनिशिएटिव) को बढ़ावा दे रहे हैं जिससे वे अपनी कोशिशों से अपनी संप्रभुता और समुद्र की रक्षा कर सकें, जो पूरी तरह से FOIP के अनुरूप है। इस तरह, हम ऐसे साझा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जापान और भारत के बीच रणनीतिक सहयोग को गहरा करने पर सहमत हुए। क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार खास तौर पर जरूरी है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 2 July 2026 at 15:03 IST