BRICS समिट में PM मोदी का कूटनीतिक 'मैराथन': 3 दिनों में दुनिया के 15 राष्ट्राध्यक्षों संग की द्विपक्षीय वार्ता
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अब अपने समापन के आखिरी दौर में है। ब्रिक्स के दौरान भारत की कूटनीतिक का 'मैराथन' देखने को मिला, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 दिनों में दुनिया के 15 राष्ट्राध्यक्षों संग द्विपक्षीय वार्ता की।
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BRICS Summit 2026: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अब अपने समापन के आखिरी पल में है, जहां ब्रिक्स देशों के कई बड़े नेता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद वापसी के लिए रवाना हो चुके हैं। वैसे तो ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ, लेकिन इस आयोजन का कार्यक्रम 11 सितंबर से ही हो चुका था, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहुंचे थे।
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत के लिए किसी बड़े कूटनीतिक 'मैराथन' से कम नहीं रहा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति से लेकर चीनी राष्ट्रपति, ईरानी राष्ट्रपति और मिस्र के राष्ट्रपति जैसे तमाम बड़े नेताओं का स्वागत किया और तमाम राष्ट्राध्यक्षों संग द्विपक्षीय वार्ता भी की। इसके अलावा, उन्होंने दुनिया के कई नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुखों के साथ अनौपचारिक (pull-aside) बैठकें भी कीं।
पीएम मोदी ने 3 दिनों में 15 राष्ट्राध्यक्षों संग की द्विपक्षीय वार्ता
समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर 3 दिनों में दुनिया के 15 राष्ट्राध्यक्षों संग द्विपक्षीय वार्ता की। पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान जैसे कई वैश्विक राष्ट्राध्यक्षों संग द्विपक्षीय वार्ता की।
3 दिनों में दुनिया के 15 राष्ट्राध्यक्षों संग द्विपक्षीय वार्ता के अलावा, उन्होंने दुनिया के कई नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुखों के साथ अनौपचारिक (pull-aside) बैठकें भी कीं और कई अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा भी लिया।
BRICS के मंच से PM मोदी का बड़ा मैसेज
इससे पहले ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर दुनिया को बड़ा मैसेज दिया। पीएम ने कहा 'आज दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है, जिसका आम लोगों की ज़िंदगी पर काफ़ी बुरा असर पड़ रहा है। महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने यह दिखा दिया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट सिर्फ़ एक इलाके तक सीमित नहीं रहता।
इसलिए, हमने BRICS ग्रुप में मुश्किल हालात से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर खास ज़ोर दिया है। चुनौतियों की समय रहते पहचान करना, उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कदम उठाना भी उतना ही ज़रूरी है। इसी सोच के साथ, संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए 'BRICS इंटीग्रेटेड अर्ली वॉर्निंग सिस्टम' पर सहमति बनी है। साथ ही, आपदा प्रबंधन के लिए 'अर्ली वॉर्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस' भी तैयार की गई हैं।"
BRICS स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव
BRICS समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "BRICS लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन सहयोग फ्रेमवर्क हमारी सप्लाई चेन को ज्यादा भरोसेमंद और मज़बूत बनाने में मदद करेगा। इनोवेशन के तहत, BRICS इनक्यूबेटर नेटवर्क हमारे स्टार्टअप्स और इनक्यूबेटर्स को आपस में जोड़ेगा।
हमने नए और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों को बढ़ावा देने के लिए BRICS स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव रखा है। डिजिटल एग्रीकल्चर पर BRICS नेटवर्क किसानों के लिए नए मौके पैदा करेगा; इस पहल के ज़रिए AI, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की फसल जरूरतों के हिसाब से जोड़ा जाएगा।
टेक्नोलॉजी और ज़रूरी खनिजों का हथियार के तौर पर इस्तेमाल हमारी साझा तरक्की में रुकावट डाल सकता है; इसलिए, हमने टेक्नोलॉजी को अपनाने में सबको साथ लेकर चलने पर ज़ोर दिया है।"
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 13 September 2026 at 18:13 IST