ग्लोबल साउथ आज वैश्विक संकटों की फ्रंट रो में... अगली समिट तक 10 प्रस्तावों वाला ब्रिक्स रिफॉर्म रोडमैप तैयार करने का PM मोदी ने मंच से किया आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया। शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम ने ठोस परिणामों का आह्वान किया और कहा कि ब्रिक्स देशों को एक-दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करना चाहिए और आम सहमति से आगे बढ़ना चाहिए।
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BRICS Summit 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आगाज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में अपने संबोधन से 18वें ब्रिक्स का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया। शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम ने ठोस परिणामों का आह्वान किया और कहा कि ब्रिक्स देशों को एक-दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करना चाहिए और आम सहमति से आगे बढ़ना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता, पीपल सेंट्रिक और ह्यूमैनिटी फर्स्ट अप्रोच पर आधारित है। लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता हमारी प्राथमिकताएं रही हैं। इन प्राथमिकताओं के साथ हमने ब्रिक्स सहयोग को सामान्य जन से जोड़ने पर विशेष बल दिया है। इसी सोच के साथ 350 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया। उन्होंने अगली समिट तक 10 प्रस्तावों वाला ब्रिक्स रिफॉर्म रोडमैप तैयार करने का भी आह्वान किया।
ग्लोबल साउथ आज वैश्विक संकटों की फ्रंट रो में...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा, "ब्रिक्स को मजबूत करते हुए हमें ग्लोबल रिफॉर्म की दिशा भी तय करनी होगी। ग्लोबल गवर्नेंस का वर्तमान ढांचा पिरामिड की तरह दिखाई देता है। इसके ऊपरी भाग में पावर और डिसीजन मेकिंग केंद्रित है और निचले भाग में वो देश हैं जो इन निर्णयों से प्रभावित तो होते हैं लेकिन उन्हें आकार नहीं दे पाते। ग्लोबल साउथ आज वैश्विक संकटों की फ्रंट रॉ में है, लेकिन डिसीजन मेकिंग की बैक रो में है।
अगली समिट तक 10 प्रस्तावों वाला ब्रिक्स रिफॉर्म रोडमैप तैयार हो
पीएम मोदी ने विकासशील देशों द्वारा सामना किए जा रहे लगातार व्यवस्थागत असंतुलन पर प्रकाश डाला और अगले शिखर सम्मेलन तक अंतिम रूप दिए जाने वाले 10 सूत्रीय शासन सुधार रोडमैप का मसौदा तैयार करने का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा 'आज वैश्विक संकटों में ग्लोबल साउथ सबसे आगे है, लेकिन निर्णय लेने में सबसे पीछे है। हमें इस 'विशेषाधिकार के पिरामिड' को 'साझेदारी के मंच' में बदलना होगा—एक ऐसा मंच जहां हर राष्ट्र की आवाज हो, हर सदस्य की हिस्सेदारी हो, और मानवता का विकास हर प्रयास के केंद्र में हो।
सीफेरर इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क बनाने का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "सीफेरर का वैश्विक व्यापार में बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन मुश्किल समय में उन्हें सहारे की ज़रूरी होती है। मेरा प्रस्ताव है कि हम 'सीफेरर इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क' बना सकते हैं। इससे मुश्किल हालात में अलर्ट, मेडिकल सहायता, परिवार को सूचना और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसे कामों में सहयोग दिया जा सकता है।'
अगले 20 वर्षों के लिए नए और एम्बिशियस एजेंडा तैयार करना होगा
पीएम मोदी ने आगे कहा 'इस वर्ष का ब्रिक्स समिट एक ऐतिहासिक पड़ाव है। हम ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ बना रहे हैं। मानव जीवन में 20 वर्ष की आयु, मैच्योरिटी और रिस्पॉन्सिबिलिटी के नए चरण का आरंभ करती है। यह वो अवस्था होती है जब सपनों के साथ जिम्मेदारियां जुड़ती हैं। सामर्थ्य को नई दिशा मिलती है। आज ब्रिक्स भी अपने 'कमिंग ऑफ एज' के क्षण में है। पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
हम एक-दूसरे के दर्शकों का सम्मान करते हैं और कर्तव्यनिष्ठ से आगे बढ़ते हैं। हम किसी के विरुद्ध नहीं बल्कि सभी को साथ लेकर चलने की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। अब समय है कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलें। अगले 20 वर्षों के लिए हमें एक नए और एम्बिशियस एजेंडा पर काम करना होगा।'
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 12 September 2026 at 16:07 IST