'संसद में हुड़दंग करने की कोशिश, मगर...', शीतकालीन सत्र से पहले संसद भवन से पीएम मोदी का संबोधन
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत से पहले अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि संसद का ये सत्र कई मायनों में बेहद खास है।
Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र की आज, 25 नवंबर से शुरुआत हो रही है। यह सत्र कई मायनों बेहद खास है। केंद्र सरकार संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान 5 नए कानून सहित 15 विधेयक पेश करने की तैयारी में है। सत्र के पहले दिन परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी संसद भवन परिसर में अपना संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंन शीतकालीन सत्र को लेकर कई अहम बाते कहीं तो विपक्ष पर इशारों में तंज भी कसा।
शीतकालीन सत्र की शुरूआत से पहले अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि यह सत्र कई मायनों में बेहद खास है। "2024 का ये अंतिम कालखंड चल रहा है। देश पूरे उमंग और उत्साह के साथ 2025 के स्वागत की तैयारी में भी लगा है। संसद का ये सत्र अनेक प्रकार से विशेष है। सबसे बड़ी बात है हमारे संविधान के 75 साल की यात्रा, 75वें साल में उसका प्रवेश लोकतंत्र के लिए बहुत ही उज्ज्वल अवसर है। कल संविधान सत्र में हम सब मिलकर संविधान के 75वें वर्ष के उत्सव की शुरुआत करेंगे।"
संसद के हुड़दंगबाजी को जनता सजा देती है-PM मोदी
शीतकालीन सत्र को लेकर PM मोदी ने कहा कि संसद में स्वस्थ चर्चा हो, ज्यादा से ज्यादा लोग चर्चा में अपना योगदान दें। दुर्भाग्य से कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए जिनको जनता ने अस्वीकार किया है, वे संसद को भी मुट्ठी भर लोगों की हुड़दंगबाजी से नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। मगर देश की जनता उनसे सारे व्यवहारों को गिनती है और समय आने पर सजा भी देती है। लेकिन दुख की बात है कि नए सांसदों के अधिकारों को कुछ लोग दबोच देते हैं।"
शीतकालीन सत्र कई माइनों में खास-पीएम मोदी
PM मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा, पुरानी पीढ़ी का काम है आने वाली पीढ़ियों को तैयार करें। लेकिन 80-90 बार जिनको जनता ने नकार दिया है वे न संसद में चर्चा होने देते हैं न लोकतंत्र की भावना का सम्मान करते हैं। न वो लोगों के प्रति अपना दायित्व समझ पाते हैं। वे जनता की उम्मीदों पर कभी भी खरे नहीं उतरते। जनता को उन्हें बार-बार नकारना पड़ रहा है।
शीतकालीन सत्र में इन विधेयकों पर होगी चर्चा
शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के लिए वक्फ संशोधन विधेयक समेत 16 विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण वक्फ संशोधन विधेयक है, जिसे दोनों सदनों की संयुक्त समिति द्वारा लोकसभा में अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इसके साथ वर्ष 2024-25 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के प्रथम बैच पर प्रस्तुति, चर्चा और मतदान को भी सूचीबद्ध किया गया है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 25 November 2024 at 10:48 IST