किसान से लेकर निर्यातकों के हितों तक... भारत-अमेरिका डील फाइनल करने को लेकर क्या है भारत का विजन? पीयूष गोयल ने विस्तार से समझाया
Republic Summit 2026 में US-भारत ट्रेड डील पर के बारे में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत कभी भी डेडलाइन के साथ बातचीत नहीं करता।
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Piyush Goyal: देश के सबसे बड़े न्यूज इवेंट रिपब्लिक समिट 2026 (Republic Summit 2026) का आयोजन जारी है। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की कई दिग्गज हस्तियां शिरकत कर रही हैं। रिपब्लिक समिट में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी शिरकत की। इस दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका डील को लेकर भारत के विजन पर अपनी बात रखी।
जब रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी ने भारत-अमेरिका डील को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से सवाल पूछे। इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि US सुप्रीम कोर्ट के नियम बदलने और टैरिफ को गैर-कानूनी बताने के बाद, हमें भारत-US ट्रेड डील पर फिर से काम करना पड़ा।
क्या है भारत पर फोकस?
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम जो भी व्यापार समझौते कर रहे हैं, उसका मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना है कि हमारे निर्यातक- चाहे वह किसानों द्वारा उत्पादित सामग्री हो, समुद्री उत्पाद (सी फूड), इंजीनियरिंग गुड्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, एयरोस्पेस या डिफेंस कंपोनेंट्स- सभी को अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में प्राथमिकता (Preferential Access) मिले।
पीयूष गोयल ने कहा कि हम US के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे कैसे पक्का करेंगे कि हमें कम्पेरेटिव फायदा मिले जिससे हमारे एक्सपोर्टर को, हमारे MSME, हमारे टेक्सटाइल, एयरोस्पेस और डिफेंस कंपोनेंट्स का फायदा मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अब धीरे-धीरे वैश्विक मूल्य श्रृंखला (Value Chain) में ऊपर की ओर बढ़ रहा है। अगले कुछ वर्षों में हम उन उत्पादों में मजबूती से प्रवेश करने वाले हैं जो हमारे भविष्य की विकास यात्रा को परिभाषित करेंगे। हम दुनियाभर की प्रमुख सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन रहे हैं। इसलिए जो व्यापार समझौते हम पहले ही कर चुके हैं और जो पाइपलाइन में हैं- जैसे कनाडा, इजराइल, GCC देश, मेक्सिको आदि- ये सभी हमारे निर्यातकों के लिए नए-नए द्वार खोलेंगे।
दोतरफा फायदा
उन्होंने कहा कि व्यापार समझौतों से सिर्फ निर्यात ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि आयात में भी हमें फायदा मिलेगा। पीयूष गोयल ने कहा कि जिन उत्पादों का हमें आयात करना है, वहां अगर हमारे पास दुनिया भर से कई आपूर्तिकर्ता (Suppliers) होंगे, तो उनमें प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और हमें बेहतर कीमत व बेहतर शर्तें मिल सकेंगी। अगर हम एक-दो देशों पर ही निर्भर रहेंगे तो मजबूती से मोलभाव नहीं कर पाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम बहुत व्यापक और समग्र (Comprehensive) व्यापार समझौतों पर काम कर रहे हैं, जिनमें सेवा क्षेत्र (Services) को बड़ी भूमिका दी गई है। इन समझौतों से प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान (Technology Exchange), शिक्षा, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में भी नए अवसर खुलेंगे। हम अमेरिका, यूरोप और पूरी दुनिया के साथ एक समग्र और दूरदर्शी विजन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
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Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 22 June 2026 at 13:35 IST