अपडेटेड 25 February 2026 at 14:44 IST

R.Bharat के सनातन सम्मेलन में पीठाधीश्वर बालकानंद जी महाराज से जानिए सनातन का वैभव, कहा - युवा ही सनातन के भविष्य हैं

रिपब्लिक भारत के मंच पर आयोजित 'सनातन सम्मेलन' में महामंडलेश्वर और प्रसिद्ध पीठाधीश्वर बालकानंद जी महाराज ने सनातन धर्म के गौरवशाली वैभव पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन केवल एक पूजा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की वह वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पद्धति है जो सृष्टि के आरंभ से है और अनंत काल तक रहेगी।

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Peethadhishwar Balakanand Ji Maharaj | Image: Republic

R.Bharat द्वारा आयोजित 'सनातन सम्मेलन' में अध्यात्म, राष्ट्रवाद और संस्कृति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। इस भव्य मंच पर देश के नामी संतों और विचारकों ने शिरकत की, जिसमें पीठाधीश्वर बालकानंद जी महाराज मौजूद थे।अपने ओजस्वी संबोधन में उन्होंने न केवल सनातन धर्म की प्राचीनता और उसकी वैज्ञानिकता पर प्रकाश डाला, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में 'सनातन' की मशाल युवाओं में हाथों में होगी।

पीठाधीश्वर बालकानंद जी महाराज ने बताया सनातन का वैभव

बालकानंद जी महाराज ने सम्मेलन की शुरुआत करते हुए कहा कि 'सनातन' कोई संकीर्ण विचारधारा नहीं, बल्कि एक जीवन पद्धति है जो सृष्टि के आरंभ से है और अंत तक रहेगी। उन्होंने बताया कि सनातन का वैभव उसकी सहिष्णुता, करुणा और 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भावना में निहित है। महाराज जी ने जोर देकर कहा कि सनातन वह वृक्ष है जिसकी जड़ें सेवा में हैं और शाखाएं परोपकार में। 

इसे मिटाने के प्रयास सदियों से हुए, लेकिन जो सत्य है, उसे समय की धूल कभी धुंधला नहीं कर सकती है। उन्होंने आधुनिक विज्ञान और सनातन परंपराओं के बीच के सेतु पर भी चर्चा की, यह बताते हुए कि कैसे हमारे ऋषियों ने हजारों साल पहले ही खगोल विज्ञान और चिकित्सा के वे सूत्र दे दिए थे, जिन्हें आज दुनिया नए रूप में स्वीकार कर रही है।

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युवा है सनातन के नए ध्वजवाहक - पीठाधीश्वर बालकानंद जी महाराज

रिपब्लिक भारत के सम्मेलन में बालकानंद जी ने सीधे युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ' युवा ही सनातन के भविष्य हैं।' आज के डिजिटल युग में जहां युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से कटती जा रही है, महाराज जी ने उन्हें वापस लौटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति जब तक अध्यात्म से नहीं जुड़ेगी, तब तक वह दिशाहीन रहेगी। धर्म उसे धैर्य और साहस प्रदान करता है। साथ ही युवाओं को ईश्वर से जुड़ने का मार्ग भी बताया। 

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 25 February 2026 at 14:14 IST