'वंदे मातरम में भगवान की पूजा की बात है और मैं मुसलमान हूं, राजेंद्र प्रसाद ने बहुत बड़ी गलती...', AIMIM चीफ ओवैसी ने राष्ट्रीय गीत को लेकर उठाए सवाल

लोकसभा में पास हुए ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान के बराबर नहीं माना जा सकता, क्योंकि वह एक देवी को समर्पित है।

 
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Asaduddin Owaisi | Image: Youtube- Sansad TV

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर सवाल उठाया है। केद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को राष्ट्र गान 'जन गण मन' के समान दर्जा दिया गया है। अब राज्यसभा के बाद लोकसभा से भी वंदे मातरम विधेयक पास हो गया है। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक का विरोध करते हुए कहा है कि 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान के बराबर नहीं माना जा सकता, क्योंकि वह एक देवी को समर्पित है।

लोकसभा में पास हुए ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "आप जब जन-गण-मन पढ़ते हैं तो उसमें क्या दिखता है। उसमें यह देश दिखता है, देश की जनता दिखती है। जब आप वंदे मातरम पढ़ते हैं तो उसमें भगवान और देवी के बारे में पूजा की बात है। "

वंदे मातरम विधेयक को लेकर ओवैसी ने क्या कहा?

ओवैसी ने आगे कहा, ‘अब उन मुजाहिदीन ए आजादी को क्या बोलेंगे जिन्होंने इस देश की आजादी के लिए कुर्बानी दी। जन-गण-मन तो जनता के लिए लिखा गया था। मैं कह रहा हूं कि साल 1950 में राजेंद्र प्रसाद ने बहुत बड़ी गलती की। उन्होंने बिना रेजुलेशन के कह दिया कि यह राष्ट्रीय गीत है जबकि रेजुलेशन लेना चाहिए था। कहीं पर भी राष्ट्रीय गीत की परिभाषा नहीं है। आप (केंद्र सरकार) आर्टिकल 25, 26 और 29 का उल्लंघन कर रहे हैं।’

July 30, 2026

लोकसभा से पास हुआ वंदे मातरम विधेयक

बता दें कि राज्यसभा से पारित होने के बाद Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 गुरुवार को लोकसभा से भी पास हो गया। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को वही कानूनी संरक्षण देना है, जो अभी राष्ट्र गान ‘जन गण मन’, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान को प्राप्त है। सरकार का कहना है कि इससे राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को और मजबूती मिलेगी।
 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 30 July 2026 at 17:49 IST