'भारत ने एयर डिफेंस की दुनिया में पेश की मिसाल, 4 दिन में हासिल की जीत'- ऑपरेशन सिंदूर पर जॉन स्पेंसर का बड़ा बयान
सेवानिवृत्त अमेरिकी सेना अधिकारी, शहरी युद्ध के शोधकर्ता और लेखक जॉन स्पेंसर ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर की जमकर तारीफ की है।
सेवानिवृत्त अमेरिकी सेना अधिकारी, शहरी युद्ध के शोधकर्ता और लेखक जॉन स्पेंसर ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर की जमकर तारीफ की है। हालिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि सिर्फ चार दिनों की सुनियोजित सैन्य कार्रवाई के बाद भारत ने एक निर्णायक जीत हासिल की है। आतंकियों के ठिकानों को तबाह करने, सैन्य शक्ति दिखाने और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को मजबूती से स्थापित करने में भारत पूरी तरह सफल रहा है।
जॉन स्पेंसर अमेरिकी सेना में पैदल सेना प्लाटून लीडर, इराक युद्ध में दो बार तैनात और रेंजर स्कूल जैसे प्रतिष्ठानों में सेवा दे चुके हैं। उनके विश्लेषण को रक्षा रणनीति में गहरी समझ रखने वालों के बीच खास अहमियत दी जाती है।
एयर डिफेंस में भारत ने ताकत दिखाई- जॉन स्पेंसर
जॉन स्पेंसर ने इससे पहले भी किए गए एक पोस्ट में लिखा था- 'यह याद दिलाता है कि रक्षा इस बारे में नहीं है कि आप क्या खरीदते हैं, बल्कि यह इस बारे में है कि आप क्या एकीकृत करते हैं। आज भारत के वायु रक्षा नेटवर्क में आकाश और QRSAM जैसे स्वदेशी रूप से निर्मित प्लेटफॉर्म का मिश्रण है, जिसे इजराइली बराक-8 सिस्टम और रूसी निर्मित S-400 के साथ जोड़ा गया है। ये परतें- लंबी, मध्यम और छोटी दूरी – सुरक्षा के एक सहज, बहु-स्तरीय जाल में एक साथ काम करने के लिए डिजाइन की गई हैं।
जॉन स्पेंसर यूक्रेन वॉर को लेकर क्या कहा
जॉन स्पेंसर ने लिखा- यह सिर्फ एक क्षेत्रीय कहानी नहीं है, यूक्रेन में युद्ध एक और महत्वपूर्ण सबक देता है। यूक्रेन का विशाल भूगोल इसका 600,000 वर्ग किलोमीटर का खुला इलाका और शहरी बुनियादी ढांचा, एक कठिन चुनौती पेश करता है।
कमांडर थे जॉन स्पेंसर
जॉन स्पेंसर ने सैन्य करियर के दौरान स्पेंसर एक पैदल सेना प्लाटून लीडर और कंपनी कमांडर थे, वो इराक युद्ध के दौरान दो युद्ध दौरे शामिल थे। इराक में उन्होंने 2003 में प्रारंभिक आक्रमण और बाद में 2008 में इराक युद्ध के दौरान सेना की वृद्धि और सदर सिटी की लड़ाई के दौरान सेवा की। उन्हें रेंजर स्कूल, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ आदि में भी नियुक्त किया गया था। बाद में वे स्ट्रैटेजिक स्टडीज ग्रुप के चीफ ऑफ स्टाफ के फेलो बन गए।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 14 May 2025 at 11:08 IST