हॉस्टल में सो रहे 8 छात्रों की आंखों में डाल दी फेवीक्विक, कलेक्टर ने दिया जांच का आदेश - जानें पूरा मामला

Odisha news: कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। मामले में स्कूल के हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना में स्कूल और हॉस्टल प्रशासन की लापरवाही भी मानी जा रही है। छात्रों की आंखों में आखिरकार फेवीक्विक क्यों डाली गई, क्या यह कोई मजाक था या फिर किसी गलत मंशा के साथ किया गया कार्य था? इसकी भी जांच अधिकारियों के द्वारा की जा रही है।

 
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Odisha Feviquick Case | Image: Social Media/X

Odisha news, Odisha Feviquick Case: ओडिशा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के कंधमाल जिले में एक स्कूल के हॉस्टल में सोते हुए 8 छात्रों की आंखों में फेवीक्विक डाल दी गई। इससे उनको अपनी आंखों को खोलने में काफी दिक्कत हुई और अंत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना कंधमाल जिले के फिरिंगिया प्रखंड के सलागुडा में सेवाश्रम स्कूल के हॉस्टल की बताई जा रही है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रात में छात्र अपने हॉस्टल में सो रहे थे। तभी कुछ अन्य छात्रों/सहपाठियों ने उनकी आंखों में फेवीक्विक डाल दी। इससे उनकी आंखें चिपक गईं।


गंभीर स्थित देख जिला अस्पताल में छात्रों को किया गया रेफर

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आंखों में फेवीक्विक पड़ जाने के बाद उन सभी आठों छात्रों को अपनी आंखें खोलने में काफी दिक्कत हो रही थी। वे अपनी आंखें नहीं खोल पा रहे थे। इस घटना के बाद हॉस्टल में हल्ला मच गया। आनन-फानन में पीड़ित छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन छात्रों को पहले गोछापाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन मामला गंभीर होता देख उन सभी को फूलबनी जिला मुख्यालय अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, इन 8 में से सात छात्रों की स्थिति को देखते हुए इलाज जारी है, जबकि एक छात्र को ठीक हो जाने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।  

डॉक्टरों ने बताया कि आंखों में फेवीक्विक डालने से आंखों को नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि समय पर अस्पताल ले आने से और इलाज मिल जाने से स्थिति अधिक गंभीर होने से बच गई।


कलेक्टर ने दिया जांच के आदेश और हेडमास्टर सस्पेंड  

मिली जानकारी के अनुसार, छात्रों की आंखों में फेवीक्विक डालने की घटना जिले में आग की तरह फैल गई। मामला तूल पकड़ा तो जिले के कलेक्टर को भी इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। मामले में स्कूल के हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना में स्कूल और हॉस्टल प्रशासन की लापरवाही भी मानी जा रही है। छात्रों की आंखों में आखिरकार फेवीक्विक क्यों डाली गई, क्या यह कोई मजाक था या फिर किसी गलत मंशा के साथ किया गया कार्य था? इसकी भी जांच अधिकारियों के द्वारा की जा रही है। 

 

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Published By : Amit Dubey

पब्लिश्ड 13 September 2025 at 20:37 IST